कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में आईएएस अधिकारी निलेश देवरे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में राजद विधायक राहुल शर्मा ने सदन में आरोप लगाया था कि देवरे सरकारी संरक्षण में निजी जेट विमानों पर लाखों रुपये खर्च कर सपरिवार यात्रा करते हैं।

​विपक्ष के आरोपों पर सरकार का पलटवार

​इन आरोपों का खंडन करते हुए बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने निलेश देवरे का मजबूती से बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवरे एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में उत्कृष्ट कार्य किया है। चौधरी ने बताया कि जिस विमान को लेकर विवाद है, वह दरअसल एविएशन विभाग का था जिसे मुख्यमंत्री को दिल्ली ले जाने के लिए पटना आना था। चूंकि देवरे स्वयं एविएशन विभाग देखते हैं, इसलिए वे दिल्ली से पटना आ रहे उसी विमान में अपने परिवार के साथ सवार हुए थे। इसे ‘मौज-मस्ती’ कहना सर्वथा अनुचित है।

​दवा माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई बनी वजह?

​अशोक चौधरी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि देवरे को उनके स्वास्थ्य विभाग में कार्यकाल के दौरान दवा कंपनियों पर की गई कड़ी कार्रवाई के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने उन कंपनियों पर लगाम कसी थी जो विभाग में दवाओं की आपूर्ति कर रही थीं। इसी खुन्नस में विपक्ष अब सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।

​UGC मामले पर सरकार का रुख

​यूजीसी (UGC) को लेकर विपक्ष के हंगामे पर मंत्री ने कहा कि मामला फिलहाल न्यायालय के अधीन है। सरकार भी नियमों को लागू करना चाहती है, लेकिन अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के बाद ही लिया जाएगा।