माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर और दुनिया के सबसे अमीर उद्यमियों में से एक बिल गेट्स के एआई इंपैक्ट समिट 2026 में शामिल होने की उम्मीद न के बराबर है। एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद मोदी सरकार ने उनके निमंत्रण की फिर से समीक्षा की है। इस बात की जानकारी एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दी गई है। सरकार का कहना है कि वह एपस्टीन के चुंगल से बचे हुए लोगों के साथ खड़ी है। बिल गेट्स का नाम अब एआई इम्पैक्ट समिट वेबसाइट पर नहीं दिख रहा है।
एपस्टीन का आरोप
बता दें, दुनिया भर में हड़कंप मचाने वाली एपस्टीन फाइल में एपस्टीन ने आरोप लगाया कि गेट्स ने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स में हिस्सा लिया था और दावा किया कि उनके साथ उसका रिश्ता “बिल को ड्रग्स दिलाने में मदद करने से लेकर, रूसी लड़कियों के साथ संभोग के नतीजों से निपटने और शादीशुदा महिलाओं के साथ उनके नाजायज रिश्तों में मदद करने” तक था। जेफरी एपस्टीन बदनाम अमेरिकी फाइनेंसर और बच्चों के यौन अपराध के दोषी था, जिसने अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क जेल की कोठरी में आत्महत्या कर ली थी। एपस्टीन फाइल में इस बात का भी जिक्र है कि, असुरक्षित सम्भोग करने पर गेट्स को यौन संक्रममन की गंभीर समस्याओं से भी जूझना पड़ा था।
जेफरी एपस्टीन फाइल्स में आया गेट्स का नाम
अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से जारी की गई एपस्टीन फाइल्स में दुनिया के नेताओं से लेकर बिजनेस के बड़े नामों तक दर्जनों हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम शामिल हैं। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, दिवंगत पॉप सिंगर माइकल जैक्सन और बिल गेट्स भी शामिल हैं।
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