Rajasthan News: जल जीवन मिशन (जेजेएम) में हुए हजारों करोड़ रुपए के बहुचर्चित घोटाले में मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की एसआईटी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में पूर्व एसीएस (पीएचईडी) और आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल के घर पर भी दबिश दी गई, लेकिन वे नहीं मिले। एसीबी ने उन्हें फरार माना है।

एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर गठित एसआईटी की करीब डेढ़ दर्जन टीमों ने मंगलवार सुबह एक साथ जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली और दिल्ली में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एसीबी में दर्ज प्रकरण संख्या 245/2024 के तहत की गई है। गौरतलब है कि इस घोटाले में तत्कालीन पीएचईडी मंत्री महेश जोशी पहले ही जेल जा चुके हैं।
960 करोड़ के टेंडर में बड़ा खेल
एसीबी की जांच में सामने आया कि मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी (महेश मित्तल) और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी (पदमचंद जैन) ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तैयार किए। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल कर लिए गए।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 50 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स में नियमों के विरुद्ध साइट विजिट की शर्त जोड़ी गई ताकि चहेती फर्मों को फायदा मिले और टेंडर पूलिंग के जरिए ऊंची दरों पर टेंडर पास कराए जा सकें।
सुबोध अग्रवाल घर पर नहीं मिले, तलाश जारी
एसपी पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि एक टीम ने रिटायर्ड एसीएस सुबोध अग्रवाल के आवास पर दबिश दी, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थे। जांच एजेंसी का मानना है कि गिरफ्तारी के डर से वे फरार हो गए हैं। फिलहाल एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के नेतृत्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
शिकंजे में आए ये 9 बड़े नाम
- दिनेश गोयल: मुख्य अभियंता (प्रशासन)
- के.डी. गुप्ता: मुख्य अभियंता (ग्रामीण)
- सुभांशु दीक्षित: तत्कालीन सचिव (आरडब्ल्यूएसएसएम) व वर्तमान अतिरिक्त मुख्य अभियंता
- सुशील शर्मा: वित्तीय सलाहकार, अक्षय ऊर्जा
- निरिल कुमार: मुख्य अभियंता, चूरू
- विशाल सक्सेना: अधिशासी अभियंता (निलंबित)
- अरुण श्रीवास्तव: अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सेवानिवृत्त)
- दिलीप कुमार गौड़: तत्कालीन मुख्य अभियंता व तकनीकी सदस्य (सेवानिवृत्त)
- महेंद्र प्रकाश सोनी: तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (सेवानिवृत्त)
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगाः बेढ़म
जवाहर सिंह बेढ़म, गृह राज्यमंत्री ने कहा जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्यासे कंठों की प्यास बुझाना था, लेकिन पिछली सरकार में अधिकारियों और नेताओं की सांठगाठ ने इसे लूट का जरिया बना लिया। तत्कालीन मंत्री जेल जा चुके हैं। हमारी सरकार का संकल्प है कि जनता का पैसा लूटने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा रसूखदार क्यों न हो।
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