सत्या राजपूत, रायपुर। सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने जेल में सामूहिक आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के रिक्त 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के आमरण अनशन का आज 59वां दिन है। दो दिनों पहले 18 फरवरी को अंगारों में चलकर प्रदर्शन करने पर पुलिस ने अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया था। 18 फरवरी की शाम से जेल में ही 45 महिला और 80 पुरुष डीएड अभ्यर्थियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। मांग पूरी नहीं होने पर अभ्यर्थियों ने परिवार के साथ सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी दी है।

बता दें कि सहायक शिक्षक के पदों पर डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की जगह बीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई थी। इसके खिलाफ डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसमें पहले हाईकार्ट फिर सुप्रीम कोर्ट ने बीएड की जगह डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर समायोजित किया गया पर डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं दी गई।

जो सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के रिक्त पदों पर परीक्षा के आधार पर भर्ती के लिए पात्र थे, ऐसे 2300 अभ्यर्थियों द्वारा लगातार आंदोलन कर नियुक्ति की मांग की जा रही है। आज उनके आमरण अनशन का 59वां दिन है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वह लगातार जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत करा रहें हैं, परंतु प्रत्येक स्तर पर केवल आश्वासन ही प्राप्त हो रहा है। शिक्षा मंत्री से मिलने पर मुख्यमंत्री और वित्त विभाग द्वारा प्रस्ताव लाने की बात कही जाती है, वहीं मुख्यमंत्री स्तर पर वित्तीय कमी का कारण बताया जा रहा है।

अभ्यर्थियों के अनुसार राज्य में 1600 से अधिक पद अनुसूचित जनजाति वर्ग में रिक्त होने के बावजूद आज तक नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई है। इससे आदिवासी वर्ग के युवाओ में गहरी नाराजगी है। अभ्यर्थियों के अनुसार 59 दिनों से लगातार आमरण अनशन करने से उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।

18 फरवरी को आंदोलन कारियों ने सामूहिक रूप से प्रतीकात्मक विरोध करते हुए आग जलाकर अंगारों पर चलकर प्रदर्शन किया। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस प्रशासन एवं फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर अग्निशमन उपकरणों की सहायता से आग को बुझाया। इसके बाद पुलिस प्रशासन और बीएड अभ्यर्थियों के बीच झड़प में चार अभ्यर्थियों को गंभीर रूप से चोट आई, जिन्हें अभनपुर अस्पताल ले जाया गया। उसी दिन सभी अभ्यर्थियों को बस में बैठाकर हिरासत में लेते हुए सेंट्रल जेल ले जाया गया है। सेंट्रल जेल में दाखिल होते ही 45 महिला और 80 पुरुष डीएड अभ्यर्थियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ साथियों से जेल जाकर मुलाकात में यह जानकारी मिली, जिसमें अभ्यर्थियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति बिगड़ने की बात कही जा रही है।

अभ्यर्थियों ने सहायक शिक्षक भर्ती के 2300 रिक्त पदों पर न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन कर पात्र डीएड अभ्यर्थियों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की है अन्यथा सभी डीएड अभ्यर्थियों ने परिवार के साथ सामूहिक गिरफ्तारी देकर जेल भरो आंदोलन करते हुए जेल में ही आमरण अनशन की चेतावनी दी है।