पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में सिविल जज और न्यायिक अधिकारियों की तैनाती से पहले अदालतों को बम धमाके की धमकी मिली है। मंगलवार को ईमेल के जरिए कम से कम 6 जिला अदालतों को धमकी मिली है, जिसमें कोलकाता की भी 2 अदालतें शामिल हैं। धमकी के बाद पुलिस ने परिसर को खाली कराकर तलाशी ली। हालांकि, जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।
इन अदालतों को मिली धमकी
बंगाल पुलिस ने बताया कि कोलकाता के मध्य में स्थित शहर सिविल और सत्र न्यायालय और बैंकशाल न्यायालय में अदालत कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिला था। इसके बाद खोजी कुत्तों और बम निरोधक दस्ते के कर्मियों को तलाशी के लिए भेजा गया। यहां जांच चल ही रही थी कि हुगली जिले के चिनसुराह न्यायालय, पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल और दुर्गापुर न्यायालय और मुर्शिदाबाद जिले के बेरहामपुर न्यायालय को भी धमकी दी गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद मिली धमकियां
अदालतों को यह धमकियां सुप्रीम कोर्ट द्वारा झारखंड-ओडिशा से सिविल जजों और न्यायिक अधिकारियों को SIR प्रक्रिया में तैनात करने की अनुमति देने के बाद मिली है। SIR प्रक्रिया में तैनात 250 जिला जजों को 80 लाख दावें-आपत्तियां निपटाने में 80 दिन लग सकते हैं। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे ने कहा कि वे एक जैसे पैटर्न वाले ईमेल के स्रोत की जांच कर रहे हैं। सभी न्यायाधीशों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है।


