कुंदन कुमार/पटना। शहर की सड़कों पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दफादार-चौकीदार संघ पर हुए लाठीचार्ज ने बिहार की सियासत में उबाल ला दिया है। इस मामले में अब एनडीए और विपक्षी दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, जिस पर राजद ने तीखा पलटवार किया है।
चिराग की सक्रियता पर राजद का हमला
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने चिराग पासवान के बयान को देर से जागी हुई चेतना करार दिया। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने इस मुद्दे को विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाया, तब जाकर चिराग पासवान की नींद खुली है। भाई वीरेंद्र का आरोप है कि राजद ने हमेशा दफादार-चौकीदारों के हक की लड़ाई लड़ी है, जबकि चिराग पासवान अब इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।
शराबबंदी पर राजद का रुख साफ
शराबबंदी के मुद्दे पर भाई वीरेंद्र ने स्पष्ट किया कि वह शराबबंदी खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, जब शराबबंदी लागू हुई थी, तब हमने इसका समर्थन किया था। हालांकि, इसकी समीक्षा जरूर होनी चाहिए ताकि खामियों को दूर किया जा सके। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि सरकार शराबबंदी हटाने का फैसला लेती है, तो यह पूरी तरह सरकार का निर्णय होगा, इसमें विपक्ष की कोई भूमिका नहीं होगी।
यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि आगामी चुनावों से पहले बिहार में रोजगार और पुलिस की कार्रवाई जैसे मुद्दे बड़े राजनीतिक हथियार बनने वाले हैं।
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