अनिल सक्सेना, रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में एक युवक को डीएफओ के खिलाफ सागौन (पेड़) लकड़ी कटवाने की शिकायत करना भारी पड़ गया। शिकायतकर्ता युवक की पिटाई कर और झूठे केस में फंसवाकर जेल भिजवा दिया है। मामले में मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) क्षितिज कुमार ने कहा कि निष्पक्ष रूप से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

शिकायतकर्ता आजाद खान की पिटाई

दरअसल वन विभाग के अधिकारियों ने लकड़ी माफिया से मिलीभगत करके करोड़ों रुपए की सागौन के पेड़ों को कटवा दिया है। मामले में शिकायतकर्ता आजाद खान पिता मुन्ना को ग्राम खेरी तहसील सिलवानी को आरोपी बनाकर उसकी बेरहमी से पिटाई करते हुए जेल पहुंचा दिया।

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सैकड़ों सागौन के पेड़ काटे गए

बता दें कि रायसेन जिले के सिलवानी के खमरिया, चौका, जमुनिया बीट में सैकड़ों की संख्या में करोड़ों रुपए की सागौन के पेड़ काटे गए हैं जिसकी शिकायत युवक ने सीसीएफ से भी की थी। उसके बाद उसे वन विभाग ने आरोपी बना दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। मीडिया ने इस मामले में डीएफओ प्रतिभा शुक्ला से उनका पक्ष जानना चाहा तो पहले तो भड़कने लगी और फिर बाद में जांच दल गठित कर कार्यवाही करने की बात कही। महज 1 घंटे बाद ही वन विभाग के आला अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को ही मुख्य आरोपी बनाकर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

देख लेने की धमकी

रायसेन में डीएफओ का पद जब से प्रतिभा शुक्ला ने संभाला है तब से अवैध उत्खनन, परिवहन, जंगल कटाई बड़े पैमाने पर जारी है। मैडम का रुतबा यह है कि अगर किसी ने भी इसकी शिकायत की कोशिश की तो उसे देख लेने की धमकी देती है। पीड़ित युवक के पिता न्याय की गुहार लगा रहे है। उनका कहना है कि वनकर्मी सूने घर में घुसकर सामान इधर से उधर करके पूरे कागज ले गए।

प्रतिभा शुक्ला, डीएफओ रायसेन।

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