अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने बीते 15 जनवरी को सीएम भगवंत मान की ओर से एसजीपीसी में जारी घोटालों संबंधी सौंपे काले बैग के मामले में शिरोमणि कमेटी को क्लीन चिट दे दी है। जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि बैग में एसजीपीसी के घोटालों संबंधी कोई विशेष शिकायत या सबूत नहीं हैं।

उन्होंने कुछ दस्तावेज पढ़े हैं उन्हें ऐसा कुछ प्रतीत नहीं हुआ जिसके चलते एसजीपीसी के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए जाएं। वहीं जत्थेदार ने कहा कि कथित तौर से सीएम मान के विवादास्पद वीडियो क्लिप की जांच फोरेंसिक लैब में करवाई जा रही है जिसमें सीएम मान को गुरु साहिबान की तस्वीर पर शराब के छीटे मारते हुए दिखाया गया है।

गौर हो कि सीएम ने इस क्लिप को फर्जी करार देकर कहा था कि जिस लैब से चाहें जांच करवा लें, यह वीडियो क्लिप एआई के जरिए फर्जी तौर पर बनाई गई है। जत्थेदार ने कहा कि वीडियो की जांच जारी है, संगत के समक्ष सच्चाई उजागर करना सिंह साहिबान का फर्ज है।

कहा- रणजीत के एनकाउंटर की जांच कराए सरकार
जत्थेदार गड़गज्ज ने गुरदासपुर के गांव आदियां के नौजवान रणजीत सिंह को पुलिस एनकाउंटर में मारने के मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा कि अभी तक कि जांच के अनुसार उक्त एनकाउंटर फर्जी लग रहा है। उन्होंने इस एनकाउंटर को अनुचित करार देते हए कहा कि राज्य में कानून राज स्थापित होना चाहिए, न कि पुलिस राज। न्याय के लिए अदालतें स्थापित हैं। ऐसे एनकाउंटर के मामलों को कतई बर्दाशत नहीं किया जा सकता है।

वहीं, गायब पावन स्वरूपों के मामले की जांच के लिए सरकार द्वारा गठित नई एसआईटी पर भी सवाल उठाते हुए जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि पुलिस अधिकारी नानक सिंह की अगुवाई में गठित एसआईटी में भी कोई अमृतधारी सिख अफसर शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिख मर्यादा से जुड़ा हुआ है। अधिकारी वहीं चयनित होना चाहिए, जिसे मर्यादा की जानकारी हो और अमृतधारी हो।