दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। ​न्याय व्यवस्था ने एक बार फिर कड़ा संदेश देते हुए मानवता को शर्मसार करने वाले अपराधियों को उनके किए की कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद एक महिला की निर्मम हत्या करने के मामले में तीन दोषियों को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। ​यह हृदयविदारक घटना तब प्रकाश में आई थी जब तीनों दोषियों ने मिलकर शराब पीकर पहले महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसकी पहचान छिपाने तथा पकड़े जाने के डर से उसकी गर्दन तोड़कर हत्या कर दी थी। 

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पुलिस ने सबूतों और चश्मदीदों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश मनोज कुमार ने इस कृत्य को क्रूरतम और अमानवीय करार दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा ​सिर्फ उम्रकैद काफी नहीं है। दोषियों को तब तक सलाखों के पीछे रहना होगा जब तक कि उनकी अंतिम सांस न निकल जाए।

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अपर लोक अभियोजक सतेंद्र पटेल ने बताया कि विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने हत्या और गैंगरेप के मामले में अपना जजमेंट दिया है। घटना पिपरिया थाना क्षेत्र की है, जिसमें आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया एवं उसकी हत्या कर दी थी।

विशेष न्यायाधीश द्वारा 376D गैंगरेप की धारा है उसके अंतर्गत आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ अंतिम सांस तक जीवन पर्यंत जेल में रहेंगे, अभियोजन की तरफ से 21 साक्ष के बयान कराए गए, करीब 51 दस्तावेजों को प्रमाणित कराया गया। इसके बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।

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