Rajasthan News: राजस्थान की विश्वप्रसिद्ध तीर्थनगरी पुष्कर में इस साल होली का रंग बदला हुआ नजर आएगा, जहां धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, बागेश्वर धाम की नसीहत के बाद स्थानीय पुरोहितों ने मर्यादित होली का संकल्प लिया है। 1 मार्च को पुरोहित समाज ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट कर दिया है कि आस्था के केंद्र में अब नशे और अश्लीलता के लिए कोई जगह नहीं होगी।

हाल ही में 23 से 25 फरवरी तक पुष्कर में हनुमान कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने विदेशी पर्यटकों और स्थानीय व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल उठाए थे। बाबा ने दो-टूक कहा था कि विदेशी सैलानी यहां श्रद्धालु बनकर आएं, न कि अश्लीलता फैलाने वाले पर्यटक। इसी संदेश को आधार बनाकर श्री तीर्थ गुरु पुष्कर पुरोहित संघ ट्रस्ट ने अब तीर्थ की गरिमा बचाने के लिए कमर कस ली है।

पुरोहितों का आरोप है कि रेव पार्टियों और नशाखोरी के कारण पुष्कर की पावन छवि धूमिल हो रही है। वैद्य नाथ पाराशर और पुष्कर नारायण पाराशर जैसे प्रमुख पुरोहितों ने डीजे पर बजने वाले अश्लील गानों और अभद्र व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई है।

इस बार होली के दिन सुबह 11:30 बजे प्रसिद्ध ब्रह्म घाट पर एक अनूठा सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यटकों और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और नशे की लत से दूर रहने का संदेश देना है। प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए होटल और रिसॉर्ट संचालकों को बिना अनुमति पार्टी न करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की टीमें सादी वर्दी में तैनात रहकर हुड़दंगियों पर नजर रखेंगी।

बता दें कि साल 2025 में लगभग 5,000 विदेशी पर्यटक होली मनाने पुष्कर पहुंचे थे।वहीं राजस्थान में 2025 की पहली तिमाही में 7.88 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आए, जिनका मुख्य केंद्र पुष्कर और जयपुर रहा। इस बार इजरायल, फ्रांस, जर्मनी और यूके के पर्यटकों की सुरक्षा और मर्यादा हेतु विशेष गाइडलाइन जारी की गई है।

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