चंडीगढ़। मार्च शुरू होते सरकार के खिलाफ कई आंदोलन का ऐलान हो गया है। इसी माह 10 आंदोलन होंगे, लेकिन इसमें से 5 आंदोलन विस सेशन के घेराव के लिए रखे गए हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि 6 मार्च को बजट सेशन भी शुरू हो रहा है। 8 मार्च को बजट पेश होगा। यह आप सरकार का अंतिम बजट होगा। कोई वेतन बढ़ाने, कोई पक्का करने की मांग कर रहा है तो कोई बिलों का विरोध कर रहा है।

1 मार्च को मिड-डे मील और आशा वर्करों ने मानदेय दोगुना करने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है। 2 मार्च को टैट टेस्ट को लेकर टीचर संगठन आंदोलन शुरू करेंगे। मंत्री विधायकों के घरों का घेराव होगा। 3 मार्च को सरकारी कर्मियों का प्रदर्शन होगा। 6 मार्च को भाकियू उगराहां समेत 48 किसान संगठनों पुलिस की लाठीचार्ज के खिलाफ कड़े आंदोलन की कॉल दी है। 8 मार्च को वुमन डे पर आंगनबाड़ी कर्मियों का प्रदर्शन रखा गया है। पंजाब सरकार के सामने अपनी मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे।

8 मार्च को पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल स्टाफ सर्विस यूनियन बजट सेशन के बाहर रोष प्रदर्शन करेगी। 8 मार्च को कंप्यूटर अध्यापक बजट सेशन के दौरान पंजाब विस का घेराव करेंगे। 8 मार्च को पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष कमेटी ने आंदोलन की कॉल दी है।

8 मार्च को ही पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट मुलाजिम जत्थेबंदियां भी बजट सेशन के दौरान चंडीगढ़ में धरना देगी। 10 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा बिजली-बीज बिल 2025 के रोष में अभियान शुरू कर रखा है। 10 मार्च को बरनाला में विशाल रोष रैली होगी। 19 मार्च को किसान मजदूर मोर्चा शंभू व खनौरी बॉर्डर को जबी हटाने पर हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर आंदोलन की कॉल दी है। आंदोलन अमृतसर से शुरू होगा। सरकार ने मांगों को न माना तो यह आंदोलन अन्य जिलों में भी शुरू होगा।