चंडीगढ़। ग्रामीण पंजाब की सेहत व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अब आम आदमी पिंड क्लिनिक स्थापित होंगे। यह सुविधा ऐसे गांवों में शुरू होगी, जो 1 हजार से अधिक आबादी वाले हैं। पंजाब में 3 हजार पिंड क्लीनिक तैयार होंगे। योजना के लिए 8 मार्च को पेश हो रहे वित्तीय बजट में विशेष फंड प्रावधान किए जाने की तैयारी है।

विभागीय सूत्र बताते हैं 300 करोड़ से अधिक का बजट रखे जाने की संभावना है। यह पहल आप सरकार के मौजूदा आम आदमी क्लीनिक मॉडल का ग्रामीण विस्तार मानी जा रही है। जिस तहत शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में पहले ही सैकड़ों क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं में और विस्तार करने की योजना के तहत 500 और मोहल्ला क्लीनिक खोलने की तैयारी है। सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सभी जिला सिविल सर्जन और अधिकारियों से बैठकें कर चुके हैं।

मंत्री का कहना है कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ दूरी या संसाधनों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे। यह टेलीमेडिसिन आधारित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मॉडल है, जिसका उद्देश्य गांव स्तर पर डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। वहां प्रशिक्षित स्टाफ नर्स, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर तैनात किए जाएंगे। हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ा कंप्यूटर सिस्टम होगा। डॉक्टरों का पैनल वीडियो कंसलटेशन के जरिए मरीजों को परामर्श देगा।

आवश्यक दवाएं और बेसिक जांच निशुल्क उपलब्ध होंगी। कई गांवों में प्राथमिक इलाज के लिए भी लोगों को 10-20 किमी तक सफर करना पड़ता है।

टेलीमेडिसिन आधारित पिंड क्लीनिक मॉडल से सरकार सीमित संसाधनों में व्यापक कवरेज देने की रणनीति पर काम कर रही है। यह योजना पंजाब की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। सरकार का दावा है कि 2026 के दौरान इस योजना का तेजी से विस्तार किया जाएगा। हजारों ग्रामीण परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा। 308 केंद्र अपग्रेड होंगे।