कुंदन कुमार/पटना। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब बिहार के राजनीतिक गलियारों में भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान ने राज्य में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जिस पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

​ओवैसी का विवादित बयान

​असदुद्दीन ओवैसी ने इजरायल-ईरान युद्ध की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। ओवैसी ने दावा किया कि जब प्रधानमंत्री इजरायल के दौरे पर थे, तब वहां हमले हुए थे। उनके इस बयान को कूटनीतिक हलकों और विपक्षी खेमे में सरकार की विदेश नीति पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।

​चिराग पासवान की दो-टूक

​ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए चिराग पासवान ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और युद्ध जैसे संवेदनशील विषयों पर देश के भीतर राजनीति करना उचित नहीं है। पासवान ने तर्क दिया कि इस मामले में कई वैश्विक शक्तियां शामिल हैं और परिस्थितियां अत्यंत जटिल हैं। ऐसे में देश के भीतर से उठने वाले विवादित बयान भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और कूटनीतिक प्रयासों को प्रभावित कर सकते हैं।

​शांति के पक्षधर हैं प्रधानमंत्री

​चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री मोदी का बचाव करते हुए कहा कि भारत हमेशा से विश्व शांति का समर्थक रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी ने हर वैश्विक मंच पर युद्ध के बजाय संवाद और शांति का रास्ता अपनाने की बात कही है। पासवान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसे समय में बयानबाजी केवल विवाद बढ़ाने का काम करती है, जो देशहित में कतई नहीं है।