हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि 10 मई को होने वाले निकाय चुनाव में मतदाता सूची में नाम होने पर वोटर आईडी कार्ड के बिना भी वैकल्पिक दस्तावेजों से मतदान किया जा सकेगा।
चंडीगढ़। हरियाणा में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर चुनावी बिगुल बज चुका है। राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 10 मई को होने वाले मतदान के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता के पास मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) उपलब्ध नहीं है, तो भी वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेगा। मतदान की प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगी। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में पंजीकृत कोई भी व्यक्ति पहचान पत्र के अभाव में मतदान से वंचित न रहे। इसके लिए आयोग ने पहचान स्थापित करने के लिए वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों की एक विस्तृत सूची जारी की है।
आधार और पीपीपी सहित कई दस्तावेज होंगे मान्य
राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम नगर निगम, नगर पालिका अथवा नगर परिषद की वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज है, वे अन्य सरकारी दस्तावेजों को दिखाकर मतदान कर सकते हैं। मान्य दस्तावेजों में आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र (PPP), पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड और राशन कार्ड भी पीठासीन अधिकारी को दिखाए जा सकते हैं। अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़ा वर्ग के फोटोयुक्त प्रमाण पत्र तथा शस्त्र लाइसेंस को भी पहचान के लिए वैधता प्रदान की गई है।
मतदाता पर्चियों का वितरण और अंतिम तैयारी
चुनाव आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान से पहले प्रत्येक मतदाता के घर तक वोटर स्लिप (मतदाता पर्ची) पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। देवेंद्र कल्याण के अनुसार, अधिकांश क्षेत्रों में मतदाता पर्चियों का वितरण कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष बचे हुए स्थानों पर इसे समय-सीमा के भीतर पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि वोटर स्लिप केवल सूचना के लिए है, पहचान के लिए फोटोयुक्त दस्तावेज अनिवार्य होगा। पीठासीन अधिकारी की संतुष्टि के बाद ही मतदाता को वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और निष्पक्ष मतदान के लिए सभी पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं।
इन विशेष दस्तावेजों को भी मिली है मंजूरी
पहचान स्थापित करने के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी सूची में रखा गया है। स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, विकलांगता प्रमाणपत्र और संपत्ति से संबंधित फोटोयुक्त दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदाता अपनी पहचान प्रमाणित कर सकते हैं। आयोग ने अपील की है कि सभी मतदाता भारी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंचें और लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग लें। मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदाता सूची में दर्ज नाम और प्रस्तुत किए गए वैकल्पिक दस्तावेज के आधार पर सही व्यक्ति ही अपना वोट डाल सके, जिससे फर्जी मतदान की संभावनाओं को शून्य किया जा सके।

