मोहित भावसार, शाजापुर। ये तस्वीर हैं शाजापुर जिला अस्पताल की जहां एक पत्नी अपने पति की मौत के बाद उसकी तस्वीर लेकर जिला अस्पताल परिसर में पहुंची. ये तस्वीर हैं एक माँ की जो जिला मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के बाहर सर रखकर अपने लाल अपने जिगर के टुकड़े की मौत के बाद अधिकारी के दरवाज़े की चौखट के बाहर बिलख-बिलख कर रोकर न्याय की गुहार लगा रही हैं.और ये तस्वीर हैं एक बुजुर्ग पिता की जिसने अपना बुढ़ापा का सहारा खो दिया,और ये तस्वीर हैं उन मासूमों की जो कभी अपनी पिता के कंधे पर और उंगली पकडकर बाजार में घुमा करते थे लेकिन आज वह अपने मृत पिता की फोटो हाथो में लेकर न्याय पाने के लिए दो महीने से अधिकारियों के तारों के चक्कर लगा रहे हैं.

यह मामला पूरा मामला शाजापुर का हैं. जब 30 नवंबर 2025 को कमलेश नामक युवक को मामूली सर्दी खांसी और बुखार के चलते जिला अस्पताल शाजापुर भर्ती करवाया गया था. कमलेश जादमें यहां पर 30 नवंबर से 11 दिसंबर 2025 तक भर्ती था और इसका डॉ जेपी शर्मा के द्वारा किया जा रहा था.लेकिन 11 दिसंबर 2025 को कमलेश जद्दा में की हालत बिगड़ी और उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. उसकी मौत का कारण परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही पर लगाया हैं. परिजनों का आरोप डॉ जेपी शर्मा के द्वारा उसे हाई डोज दिया गया जो कि वह सहन नहीं कर पाया और उसकी मौत हो गई.
परिजनों ने किया जमकर हंगामा
शाजापुर के जिला अस्पताल में एक मरीज की मृत्यु डॉक्टर की लापरवाही से हो जाने पर परिजनों द्वारा अस्पताल में जमकर हंगामा किया. परिजनों का आरोप था जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर जे पी शर्मा को उनके प्रायवेट क्लिनिक पर कमलेश जादमे निवासी आदर्श नवीन नगर शाजापुर को दिखाने के लिए ले गए। डॉक्टर ने टीबी की बीमारी बताकर अस्पताल में भर्ती होने को कहा। डॉक्टर के के अनुसार मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। उपचार के दौरान 11 दिसंबर 25 को मरीज कमलेश की मौत हो गई. परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत होने की शिकायत कलेक्टर एवं सीएमएचओ को की लेकिन दो माह बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने अस्पताल और सीएमएचओ कार्यालय में हंगामा कर दिया.मृतक की मां और पिता की आंखों में बेटे के इंसाफ के लिए आंसू बह रहे थे.मृतक की पत्नी रोते हुए अपने पति की मौत पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थी। मृतक के दो छोटे बच्चे भी साथ में थे,वे पिता की तस्वीर हाथ में लिए इंसाफ की मांग कर रहे थे.जिला अस्पताल में घटना की जानकारी लगते ही कोतवाली थाना प्रभारी पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी.परिजन उसके बाद सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे.

सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे परिजन
मृतक की पत्नी और परिजन लालघाटी स्थित सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे और सीएमएचओ से मिलने की मांग की। कर्मचारी ने बताया सीएमएचओ मेडम अंदर काम कर रही है.इस बात पर मृतक की पत्नी भड़क गई और पति की तस्वीर को दिखाते हुए कहने लगी मेरा पति मर गया है,यह जरूरी नहीं है.मेडम से पूछने आएं हैं, हमारी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है। अभी तक कुछ कार्रवाई नहीं हुई, क्या बोलेंगी मेडम.मृतक के पिता भी रोते हुए नजर आएं. पूरा परिवार मृतक की मौत की जांच की मांग कर रहा है। दो माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. सीएमएचओ ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें समझाइश दी गई। जांच के संबंध में बताया गया. इस मामले में सीएमएचओ डॉ कमला आर्य ने कहा एक टीबी के मरीज के परिजनों ने शिकायत की थी, इस मामले में एक जांच टीम ने की और पूरे मामले की जांच करवाई गई, सभी के बयान लिए गए. जांच में डॉक्टर दोषी नहीं पाएं गए.
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