Bihar Politics: सीएम नीतीश द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकन किए जाने के बाद से बिहार का सियासी माहौल गर्म है। इसके साथ ही नई सरकार के गठन को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है। नीतीश कुमार दो दशक बाद बिहार की कमान संभालने के बाद अब दिल्ली की सियासत का रुख करने जा रहे हैं, जिसे पटना से दिल्ली तक सियासी हलचल तेज है। सबकी नजर इस बात पर है कि नीतीश के बाद बिहार की बागडोर आखिर किसे सौंपी जाएगी?

इस बीच चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। पार्टी सांसद अरुण भारती ने कहा है कि वो चिराग पासवान में भविष्य देखते हैं। दरअसल मीडिया कर्मियों ने उनसे जब यह सवाल किया की क्या चिराग पासवान बिहार के मुख्यमंत्री हो सकते हैं? जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि,

“मैं कहना चाहूंगा कि ये बातें गठबंधन के अंदर गठबंधन के बड़े नेता मिलकर तय करेंगे। उसके बाद ही फैसला किया जाएगा। मेरा निजी विचार है कि मैं अपने नेता चिराग पासवान को बिहार के बड़े नेता के रूप में देखना चाहता हूं। उनको बिहार के मुखिया के रूप में देखना चाहता हूं।”

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अरुण भारती ने कहा कि, बिहार को जंगलराज से बाहर निकालने में नीतीश कुमार की बड़ी भूमिका रही है। उनके राज्यसभा जाने को एक युग के अंत और दूसरे नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एलजेपी (रामविलास) की ओर से नीतीश कुमार को इस नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी जाती हैं।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने यह कहा था कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को पहले ही “हाईजैक” कर लिया था और अब यह साफ दिखाई दे रहा है। इस पर अरुण भारती ने कहा कि तेजस्वी यादव को अपने बयानों पर खुद ही विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार हताशा में दिए गए बयान राजनीति में ठीक नहीं माने जाते।

अरुण भारती ने यह भी कहा कि, आज महागठबंधन में भी तेजस्वी यादव की बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है। अगर वे तथ्यों और तर्क के आधार पर अपनी बात रखें तो बात समझ में आती है, लेकिन बेबुनियाद आरोपों को बिहार की जनता पहले भी खारिज करती रही है और आगे भी करेगी।

ये भी पढ़ें- Bihar Breaking: CM नीतीश ने बुलाई जदयू की आपात बैठक, सियासी हलचल तेज, पार्टी के भविष्य को लेकर मंथन