बरहमपुर: एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने गुरुवार को बरहमपुर शहर में चल रहे बच्चों से भीख मांगने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस रैकेट से नौ नाबालिगों को बचाया गया और इसमें शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बच्चों को गोसानी नुआगांव ओवरब्रिज के नीचे रखा जाता था और उन्हें रोज़ाना ऑटो-रिक्शा से बिज़ी ट्रैफिक जंक्शनों और भीड़-भाड़ वाली पब्लिक जगहों पर ले जाया जाता था, जहाँ उनसे भीख मंगवाई जाती थी। शाम तक, उन्हें इकट्ठा करके वापस ले जाया जाता था। शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह रैकेट लगभग दो साल से एक्टिव था।

बचाए गए बच्चों, जो कथित तौर पर ओडिया नहीं बोल सकते थे, उनको देखभाल और रिहैबिलिटेशन के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने पेश किया गया। स्थानीय स्तर पर बातचीत न कर पाने की उनकी नाकामी ने ट्रैफिकिंग और उनके मूल स्थान को लेकर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।

सिग्नल पॉइंट पर बच्चों के भीख मांगने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एक स्पेशल टीम बनाई। CDPO स्टाफ, CWC और चाइल्डलाइन की मदद से, अधिकारियों ने गिरफ्तारी करने से पहले रैकेट पर नज़र रखने के लिए सादे कपड़ों में छापेमारी की।

अधिकारियों ने नाबालिगों का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जबकि नेटवर्क की पहुंच का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।