पटना। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अश्वमेध देवी (अप्सरा) ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सांसद के बयानों और आचरण पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि पप्पू यादव ने उनके फोटो का गलत इस्तेमाल कर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, सांसद ने गलत नंबर डायल कर दिया है, अब मैं उन्हें हर तरफ से घेरूंगी।

​विवाद की जड़

​विवाद की शुरुआत पप्पू यादव के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने कहा था कि 90% महिलाओं का पॉलिटिकल करियर नेताओं के बेड से शुरू होता है। इसके बाद एक फेसबुक लाइव में उन्होंने सांसद संजय झा के साथ महिला आयोग की अध्यक्ष की तस्वीर दिखाते हुए उनके राजनीतिक उत्थान पर सवाल खड़े किए थे। अध्यक्ष ने इसे मानसिक दिवालियापन करार देते हुए कहा कि पप्पू यादव जैसे जनप्रतिनिधि पर ‘थू’ है।

​30 अप्रैल तक का अल्टीमेटम

​आयोग ने पप्पू यादव को नोटिस जारी कर 30 अप्रैल तक साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया है। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि सांसद का जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो उन पर मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा, पप्पू यादव पर पहले से 41 केस हैं, एक और जुड़ जाएगा तो उन्हें फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन मैं पूर्णिया की जनता के बीच जाकर उनकी असलियत बताऊंगी।

​मैं पूर्णिया की बेटी हूं, मेरा दामन साफ है

​अपनी पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए अध्यक्ष ने कहा कि वह 1997-98 से छात्र राजनीति और सामाजिक आंदोलनों के जरिए आगे बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, मेरे परिवार का कोई राजनीतिक इतिहास नहीं था, मैं संघर्ष कर यहां तक पहुंची हूं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझे महिलाओं के मान-सम्मान की रक्षा की जिम्मेदारी दी है, और मैं इसे झुकने नहीं दूंगी।

​संवैधानिक संस्था को चुनौती देने पर नाराजगी

​पप्पू यादव द्वारा आयोग के नोटिस को कचरे में फेंकने की बात पर अध्यक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एक सांसद द्वारा संवैधानिक संस्था की गरिमा को इस तरह ठेस पहुंचाना कुंठित राजनीति का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस का जवाब देने के बजाय वह सोशल मीडिया पर आयोग की शक्तियों को चुनौती दे रहे हैं, जो एक जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।