चंकी बाजपेयी, इंदौर। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज कुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई एमपी की कुंभ गर्ल से जुड़े मामले में हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई गई है। जिसमें उसके बर्थ सर्टिफिकेट को सही करने की बात कही जा रही है।
अधिवक्ता बी एल नागर के मुताबिक प्रयागराज कुंभ में वायरल गर्ल के द्वारा केरल में रहने वाले विशेष धर्म के युवक से मंदिर में शादी की थी। लेकिन उसके बर्थ सर्टिफिकेट को लेकर वायरल गर्ल के पिता ने प्रदेश में एक प्रकरण दर्ज करवाया था। जिसमें उसकी बर्थ सर्टिफिकेट को 1 जनवरी 2008 बताया गया था। जबकि ग्राम पंचायत में उसके बढ़ सर्टिफिकेट को लेकर 1 जनवरी 2008 से जुड़े हुए उसके तमाम दस्तावेज हैं, जिसमें पैन कार्ड आधार कार्ड और भी कई दस्तावेज शामिल हैं।

याचिका के माध्यम से बात रखी गई है कि इसके निरपेक्ष और सक्षम अधिकारियों से जांच करवाई जाए वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र सामने लाया जाए और मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए क्योंकि मामला काफी बड़ा हो जा रहा है जिसे लेकर कई तरह की बातें कही जा रही है। इसके कारण महिला को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ता का कहना है कि प्रकरण दर्ज करने के बाद मध्य प्रदेश की पुलिस दो से तीन बार केरल में जिसे उसने शादी की उसकी गिरफ्तारी करने भी गई थी। लेकिन वहां पर न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी है। साथी अधिवक्ता ने इस मामले में याचिका के माध्यम से एमपी गवर्नमेंट डायरेक्टर ऑफ पुलिस के साथ ही महिला के पिता को भी पार्टी बनाया गया है। अब देखना होगा कि वायरल गर्ल से जुड़े मामले में उसके बर्थ सर्टिफिकेट में क्या आता है जल्दी याचिका को लेकर सुनवाई की बात भी कहीं जा रही है।

