हरियाणा में 15 जून से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने जा रहा है, लेकिन चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दल अब तक पर्याप्त बूथ लेवल एजेंट नियुक्त नहीं कर सके हैं।
चंडीगढ़। हरियाणा में 15 जून से 14 जुलाई तक मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों पर लगातार सवाल उठाने वाले विपक्षी राजनीतिक दल इस अभियान के लिए अब तक पर्याप्त संख्या में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं।
सर्वदलीय बैठक में निर्देश (CEO Meets Political Parties)
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बुधवार को चंडीगढ़ में भाजपा, कांग्रेस, बसपा, भाकपा (एम), आप और जजपा के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त कर निर्वाचन विभाग को सूचित करने का आह्वान किया।
सरकारी तैयारी है पूरी (BLO Team is Ready)
सटीक मतदाता सूची तैयार करने के लिए चुनाव आयोग ने प्रदेश में 20 हजार 629 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) तैनात किए हैं। इनके मुकाबले राजनीतिक दलों ने अब तक केवल 12 हजार 917 बीएलए ही नियुक्त किए हैं। सत्तारूढ़ भाजपा ने अधिकांश स्थानों पर नियुक्तियां कर दी हैं, जबकि कांग्रेस इसमें पीछे है।
यह रहेगा पूरा शेड्यूल (Voter List Full Schedule)
आयोग के अनुसार, 15 जून से बीएलओ घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। मतदान केंद्रों के समीकरण का कार्य 14 जुलाई तक चलेगा और ड्राफ्ट मतदाता सूची 21 जुलाई को प्रकाशित होगी। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे व आपत्तियां ली जाएंगी, जिनका निपटारा 18 सितंबर तक करके 22 सितंबर को अंतिम सूची जारी होगी।
हेल्प डेस्क की व्यवस्था (Help Desk For Voters)
प्रदेश में 12 मई तक कुल 2 करोड़ 66 लाख 31 हजार 55 मतदाता पंजीकृत हो चुके हैं। मतदाताओं की मैपिंग का कार्य 64 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस पुनरीक्षण कार्य में आम जनता की सहायता के लिए प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों पर विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे।
आरडब्ल्यूए की लेंगे मदद (RWA Help in Societies)
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत जैसी बहुमंजिला सोसायटियों में बीएलओ की एंट्री सुनिश्चित कराएं। इसके लिए स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के पदाधिकारियों की मदद ली जाएगी।

