पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों पूरी तरह प्रशासनिक सक्रियता के मूड में हैं। दिल्ली के महत्वपूर्ण दौरे से लौटने के बाद, वे राज्य की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और आम जनमानस से सीधा जुड़ाव बनाने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री पुनः ‘जनता दरबार’ लगाएंगे, जहां वे प्रदेश के कोने-कोने से आए नागरिकों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनेंगे।
समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के महज दो दिनों के भीतर ही सम्राट चौधरी ने जनता दरबार की शुरुआत कर दी थी। इसे सरकार की ‘डायरेक्ट कनेक्ट’ रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। मुख्यमंत्री एक-एक कर फरियादियों की शिकायतों को सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निवारण के निर्देश देते हैं।
विभागों की समीक्षा और सख्त हिदायत
जनता दरबार के साथ-साथ मुख्यमंत्री आज कई महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं। इस बैठक का केंद्र बिंदु सरकारी योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रोजेक्ट्स और भविष्य की कार्ययोजना रहेगी। सम्राट चौधरी पहले भी अधिकारियों को यह स्पष्ट कर चुके हैं कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका लक्ष्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति लाना है।
दिल्ली से लौटते ही नीतीश कुमार से मुलाकात
बुधवार को दिल्ली से पटना लौटते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी दिखी, जहां नीतीश कुमार उनके कंधे पर हाथ रखे नजर आए और सम्राट चौधरी ने उन्हें सम्मानपूर्वक प्रणाम किया। इससे पहले दिल्ली में उन्होंने राधामोहन सिंह और गिरिराज सिंह जैसे दिग्गज नेताओं से भी भेंट की थी।
कैबिनेट बैठक और विकास का रोडमैप
मुख्यमंत्री की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटना पहुंचते ही उन्होंने कैबिनेट की बैठक की, जिसमें 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इससे पहले 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात काफी चर्चा में रही। प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद सम्राट चौधरी ने इसे बिहार की प्रगति के लिए एक नई ऊर्जा बताया। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने RSS कार्यालय और भाजपा मुख्यालय में भी शीर्ष नेताओं से मुलाकात की, जहां माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल के विस्तार और नए नामों की सूची पर अंतिम चर्चा हुई।
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