हिसार के गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) से जुड़े एक मामले में जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला और हरियाणा पुलिस के बीच ठन गई है। दुष्यंत का आरोप है कि पुलिस ने FIR तो दर्ज कर ली, लेकिन उसे ऑनलाइन पोर्टल पर सार्वजनिक नहीं किया जा रहा, ताकि उन्हें कानूनी राहत (Legal Relief) न मिल सके।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। जननायक जनता पार्टी (JJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (GJU) हिसार से जुड़े FIR मामले को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन की घेराबंदी तेज कर दी है। चौटाला का आरोप है कि पुलिस ने उनके और उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई तो बिजली की रफ्तार से की, लेकिन FIR की जानकारी देने के मामले में चुप्पी साध ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पर हरियाणा पुलिस के पोर्टल का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए पूछा कि आखिर 6 दिन बीत जाने के बाद भी FIR को सार्वजनिक (Public) क्यों नहीं किया गया?

सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अनदेखी का आरोप

दुष्यंत चौटाला ने सीधे तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी FIR को दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। चौटाला के मुताबिक, उनके साथियों को रातों-रात गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन जब उन्होंने FIR की कॉपी मांगी या ऑनलाइन चेक किया, तो वहां कुछ भी उपलब्ध नहीं था। उन्होंने आशंका जताई है कि FIR को गुप्त (Secret) रखकर उन्हें कानूनी राहत लेने या कोर्ट में अपना बचाव करने से रोकने की कोशिश की जा रही है।

सियासी गलियारों में चर्चा और पुलिस की चुप्पी

इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है, जिससे हिसार से लेकर चंडीगढ़ तक हलचल बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि अगर FIR समय पर अपलोड नहीं की गई है, तो यह प्रशासनिक चूक या किसी बड़े दबाव का संकेत हो सकता है। फिलहाल, इस पूरे विवाद पर हरियाणा पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि बढ़ते दबाव के बीच पुलिस प्रशासन FIR की कॉपी सार्वजनिक करता है या यह विवाद और गहराता है।