अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को ‘फांसी घर’ विवाद के मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए। समिति के सामने पेशी के बाद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ऐतिहासिक ‘फांसी घर’ को “टिफिन रूम” बताकर शहीदों का अपमान किया है। केजरीवाल ने कहा कि जिस स्थान का संबंध देश के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों की यादों से जुड़ा है, उसे इस तरह से बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अनादर होता है।
नके साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और तत्कालीन उपाध्यक्ष राखी बिरला भी समिति के सामने उपस्थित हुए। हालांकि, इस मामले में तलब किए गए पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एक बार फिर कार्यवाही में शामिल नहीं हुए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि साल 2022 में तत्कालीन स्पीकर राम निवास गोयल के प्रयासों से ही विधानसभा परिसर में मौजूद एक ‘फांसी घर’ का खुलासा हुआ था। उनके मुताबिक, यह वही स्थान है जहां कथित तौर पर अंग्रेजों ने स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी थी। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने इस ऐतिहासिक स्थल को “टिफिन रूम” बताकर शहीदों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान, जो देश के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के बलिदान से जुड़े हैं, उनका सम्मान होना चाहिए।
सरकार इन मुद्दों पर चर्चा नहीं कर रही
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली इस समय कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, जिनमें बढ़ते जल बिल, दूषित पानी, बढ़ी हुई स्कूल फीस और प्रदूषण संकट शामिल हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय इस विवाद को आगे बढ़ा रही है। केजरीवाल के मुताबिक, राम निवास गोयल ने पूरी जांच के बाद ही ‘फांसी घर’ का उद्घाटन करने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि समिति के सामने उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के पास इसे “टिफिन रूम” बताने के क्या सबूत हैं। उनका कहना था कि सरकार के पास इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जानबूझकर इस स्थान को टिफिन रूम बताकर स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना है
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सरकार की किसी समिति ने उनसे सीवर व्यवस्था, सड़कों के सुधार या दिल्ली के विकास से जुड़े मुद्दों पर सवाल किया होता तो उन्हें खुशी होती और वह अपना अनुभव साझा करते। उन्होंने कहा, “मैं बस दिल्ली का विकास चाहता हूं, लेकिन भाजपा दिल्ली चलाना नहीं चाहती। उनका उद्देश्य काम करना नहीं बल्कि केवल राजनीति करना है।” इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल के विधानसभा दौरे के दौरान सुरक्षा में सेंध लगाई गई। पार्टी का दावा है कि दिल्ली पुलिस ने उनके निजी सुरक्षा अधिकारी को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया।
बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई
वहीं विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह राजपूत ने सवाल उठाया कि बिना किसी ठोस ऐतिहासिक तथ्य या दस्तावेज के ‘फांसी घर’ स्थापित करने का निर्णय कैसे लिया गया। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि इतने उच्च संवैधानिक पदों पर रहे लोग समिति के सामने अपने दावों के समर्थन में कोई तथ्यात्मक दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
राजपूत ने बताया कि शुक्रवार को दर्ज किए गए बयानों के आधार पर समिति आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी। इसी मामले में विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कई बार समिति के सामने पेश न होकर सदन की अवमानना और विशेषाधिकार का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि समिति और संविधान के खिलाफ की गई टिप्पणियां निंदनीय और पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
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