अमृतसर। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास अब ड्रोन कैमरे या अन्य छोटे हवाई उपकरणों को उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

अमृतसर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्री रुपिंदर पाल सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए ये आदेश जारी किए हैं।

हवाई अड्डा और राजासांसी इलाका ‘नो ड्रोन जोन’ घोषित

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अमृतसर के ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले हवाई अड्डे, अजनाला रोड और राजासांसी के इलाकों को ‘नो ड्रोन जोन’ बना दिया गया है। अधिकारियों का तर्क है कि अमृतसर हवाई अड्डे पर दिन-रात देशी और विदेशी उड़ानों की भारी आवाजाही रहती है। सुरक्षा की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए यहां किसी भी तरह की लापरवाही बड़े खतरे का कारण बन सकती है।

मैरिज पैलेस और होटलों के लिए विशेष चेतावनी
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि हवाई अड्डे के पास कई होटल और मैरिज पैलेस स्थित हैं। अक्सर शादियों या अन्य आयोजनों की वीडियोग्राफी के लिए लोग ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करते हैं। प्रशासन को अंदेशा है कि ऐसे आयोजनों की आड़ में कोई असामाजिक तत्व गलत इरादे से ड्रोन का इस्तेमाल कर सकता है, जो विमानों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकता है।

सीमावर्ती खतरों के मद्देनजर लिया गया फैसला

प्रशासन के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों से लगातार इनपुट मिलते रहते हैं कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य अवैध सामग्री भेजने की कोशिशें की जा रही हैं। सीमावर्ती जिला होने के कारण अमृतसर में ऐसी गतिविधियों को रोकने और हवाई अड्डे की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए यह प्रतिबंध अनिवार्य हो गया था।