आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। बस्तर में माओवादी संगठन को बस्तर में एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है। आज जगदलपुर के शौर्य भवन में 108 माओवादी पुलिस अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों के सामने अपने हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटेंगे। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKZC) के इन 108 माओवादियों पर लगभग 3 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित है।

पूना मारगेम कार्यक्रम के तहत इन सभी माओवादियों की मुख्यधारा में वापसी होगी। पुलिस अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों के समक्ष माओवादी अपने हथियार डालेंगे। इसके साथ ही नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान अब तक की सबसे बड़ी डंपिंग का प्रदर्शन भी यहां किया जाएगा। बताया जा रहा है कि बीते दिनों में फोर्स द्वारा एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड तोड़ हथियार बरामद किए गए हैं।

हाल ही में बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने बस्तर में सक्रिय माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि पिछले 6 महीनों में 1300 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

3 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम है घोषित

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों पर 3 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित है। मुख्य धारा में लौटने वाले माओवादी बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर, कांकेर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिले के निवासी हैं। इनमें 6 डिवीजन कमेटी मेंबर, 3 कंपनी पार्टी कमेटी मेंबर, 18 पीपीसीएम रैंक और 23 एरिया कमेटी रैंक के माओवादी शामिल हैं।