राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन में बड़ी समस्या सामने आई है। ई-उपार्जन पोर्टल और एमपी किसान ऐप पर सर्वर डाउन या अत्यधिक स्लो होने के कारण हजारों किसान अपना पंजीयन नहीं करवा पा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव ने इस मुद्दे पर जोरदार हमला बोला है और सरकार से तुरंत पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है।
अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा: “आज सुबह से लगातार किसानों के कॉल और संदेश मिल रहे हैं कि सर्वर डाउन होने के कारण गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं करवा पाए हैं। सरकार से मांग है कि पंजीयन की अंतिम तिथि तुरंत बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी किसान वंचित न रहे। यदि सरकार अवधि नहीं बढ़ाती है, तो यह साफ माना जाएगा कि किसानों को पंजीयन से वंचित करने के लिए लगातार कई दिनों से जानबूझकर सर्वर डाउन रखा गया था। किसानों के हक के साथ इस तरह का खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं पंजीयन की प्रक्रिया 7 फरवरी से शुरू हुई थी, जो मूल रूप से 7 मार्च तक थी। किसानों की शिकायतों और तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 मार्च 2026 कर दिया था। लेकिन अंतिम दिनों में भी रायसेन, उमरिया, धार, बुरहानपुर जैसे जिलों में सर्वर की समस्या बनी हुई है। कई जगहों पर एक पंजीयन में 15 मिनट तक लग रहे हैं, जबकि आधार प्रमाणीकरण और ओटीपी वेरिफिकेशन में बाधा आ रही है।
किसान संगठनों और स्थानीय स्तर पर भी शिकायतें आई हैं कि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और सर्वर की समस्या से पंजीयन प्रभावित हो रहा है। कई किसान अंतिम तिथि पर भी पंजीयन नहीं करवा पाए, जिससे उन्हें एमएसपी (2585 रुपये प्रति क्विंटल) पर गेहूं बेचने का मौका चूक सकता है।
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