रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. सरेनी थाना क्षेत्र अंतर्गत गहरौली गांव के निवासी भारतीय सेना के नायक प्रदीप कुमार शर्मा (उम्र 38 वर्ष) ने देश की सेवा के दौरान एक दर्दनाक सड़क हादसे में वीरगति प्राप्त की. उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए हजारों ग्रामीण, परिजन और आसपास के लोग उमड़ पड़े. लोग “भारत माता की जय” और “शहीद प्रदीप कुमार शर्मा अमर रहें” के नारे लगाते हुए भावुक हो उठे.

अंतिम संस्कार बक्सर घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. जिसमें पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. हादसा 7 मार्च 2026 को अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरि जिले में रेड्डी गांव के पास भारत-चीन सीमा क्षेत्र में हुआ. सेना का वाहन ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के तहत गेलेमो से ताकसिंग की ओर जा रहा था. इसी बीच दुर्गम पहाड़ी रास्ते पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया.

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प्रदीप कुमार शर्मा ने 2010 में भारतीय सेना की 18/19 सिख रेजिमेंट में भर्ती होकर सेवा शुरू की थी. वे अपने माता-पिता रामनरेश शर्मा और पूनम देवी के इकलौते पुत्र थे. हाल ही में जनवरी 2026 में छुट्टी पर गांव आए थे और 19 फरवरी को ड्यूटी पर लौटे थे. उनके पीछे पत्नी कल्पना शर्मा और तीन छोटे बच्चे—बेटी इशिका (11 वर्ष), बेटा युवराज (8 वर्ष) और बेटी अंशिका (6 वर्ष)—रह गए हैं. पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम छा गया.