सुरेंद्र जैन, धरसीवां। आईडीबीआई बैंक चरौदा शाखा से खाताधारकों की रकम गायब होने का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार गबन की गई राशि एक करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है, और रोज़ नए खाताधारकों के नाम सामने आ रहे हैं। खाताधारक सुबह से शाम तक पुलिस थाना और बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों का कोई ठोस समाधान नहीं हो पा रहा है।

जानकारी के अनुसार अब तक 17 खाताधारकों के नाम सामने आए हैं, जिनके खातों से लाखों रुपये निकाले गए। खाताधारकों को भेजे गए एफडी बॉन्ड पेपर अब बैंक द्वारा फर्जी बताये जा रहे हैं। हैरानी बात ये है कि खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों पर किसी भी लेनदेन का संदेश (SMS) भी नहीं पहुंचा। इस पूरे मामले में शाखा प्रबंधक नीलकंठ का नाम भी सामने आया है, जो वर्तमान में मंत्रालय में पदस्थ हैं। खाताधारकों का आरोप है कि बैंक के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा धोखाधड़ी का मामला संभव नहीं था।
पुलिस ने अब तक दो बैंक कर्मचारियों राजा खुंटे और दुर्गेश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। हालांकि खाताधारक मांग कर रहे हैं कि इस मामले में सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और उनकी गिरफ्तारी हो, ताकि उनके खून-पसीने की कमाई वापस मिले।
सूत्रों के मुताबिक, इस साजिश में धरसीवां की एक प्रिंटिंग प्रेस भी शामिल है, जिसने हूबहू फर्जी एफडी बॉन्ड तैयार किया। बैंक के अंदर बैठकर खाताधारकों को ये बॉन्ड दिए गए, जिन्हें अब बैंक फर्जी बता रहा है।
गौरतलब है कि यह एक सुनियोजित और योजनाबद्ध धोखाधड़ी है, जिसमें बैंक के कर्मचारियों और प्रबंधन की मिलीभगत स्पष्ट रूप से दिख रही है। पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच में जुटे हैं, लेकिन खाताधारक जल्द न्याय और अपनी रकम की वापसी की मांग कर रहे हैं।
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