बिलासपुर। दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अफीम की अवैध खेती करने का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस सक्रिय है। पुलिस की टीम अफीम की खोज में जिले के खेतों और कृषि फार्म में दबिश दे रही है। खेतों की फसल की जांच की जा रही है। पुलिस जवान सब्जी बाड़ी से लेकर धान की फसल के अंदर घुसकर तलाशी ले रहे हैं।

दुर्ग जिले के खजूरी गांव में डेढ़ एकड़ खेत में भुट्टे की फसल के बीच अफीम की खेती और बलरामपुर जिले में ढाई एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती की जा रही थी, जिससे नशा को लेकर प्रदेशभर में हड़कंप मच गया। राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टर को मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि खेतों की जांच करने के निर्देश दिए।
इसी कड़ी में कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले के जिम्मेदार अधिकारी व पुलिस अधिकारियों को निरीक्षण करने के आदेश दिए। इसके बाद अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हुए। सभी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर खेतों का जायजा ले रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी भी जगह अफीम से लेकर नशे की खेती करने का मामला सामने नहीं आया है।
सीपत थाने के जवान दर्जनों गांवों का किया दौरा:
सीपत थाना प्रभारी टीआई राजेश मिश्रा अपनी टीम के साथ थाना क्षेत्र के मटियारी, मोहरा, बरेली सहित आसपास के कई गांवों का लगातार दौरा कर रहे हैं। फार्म हाउसों और खेतों के अंदर घुसकर जायजा लिया। सब्जी, गन्ना, भुट्टा, केला, दलहन-तिलहन की फसलों के बीच भी बारीकी से जांच की गई, ताकि खेती की आड़ में किसी भी जगह अवैध कार्य न किया जा रहा हो।
नशे के कारोबारियों को नहीं छोड़ेंगे: रजनेश सिंह:
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि नशा जैसी सामग्री बेचना, फसल उगाना या किसी भी प्रकार के अवैध नशा से संबंधित काम करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। ऐसे कारोबारियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की टीम राजस्व विभाग के तहसीलदार, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और सरपंचों को गांव-गांव जाकर खेतों में घुसकर संदिग्ध फसलों की पहचान कर तत्काल जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
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