लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अब स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति का रास्ता साफ होता दिख रहा है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने IPS अधिकारियों की सूची UPSC को भेज दी है, जिसमें 18 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं. इनमें से किसी एक को उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे के मुखिया की जिम्मेदारी मिल सकती है. इसी के साथ यूपी को करीब चार साल के अंतराल के बाद अपना स्थाई डीजीपी मिलेगा.
जानकारी के मुतबित भारतीय संघ लोक सेवा आयोग अब इस सूची की समीक्षा कर वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और अनुभव के आधार पर तीन नामों का पैनल तैयार करेगा. जिसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा. पैनल पर अंतिम निर्णय राज्य शासन ही लेगा. दावेदारों में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा सबसे वरिष्ठ हैं, जबकि आलोक शर्मा, पीयूष आनंद और मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्णा भी प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं.
इसे भी पढ़ें : ऐसी सोच और ऐसी राजनीति को… अखिलेश यादव के बिरयानी पार्टी वाले बयान पर बरसे BJP विधायक राजेश्वर सिंह, जानिए पूरा मामला
बता दें कि इससे पहले यूपी में आखिरी स्थाई डीजीपी मुकुल गोयल थे. 2022 को इन्हें पद से हटाया गया था. जिसके बाद से अब तक यूपी में कार्यवाहक डीजीपी ही जिम्मेदारी संभाले हुए हैं. हांलाकि अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए गृह विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. मंगलवार को राज्य सरकार ने 1990 से 1996 बैच तक के उन सभी अफसरों के नाम भेज दिए हैं, जिन्होंने 30 साल की सेवा पूरी कर ली है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें

