Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और गैस-तेल की किल्लत के बीच ईरान से भारत के लिए खुशखबरी आई (Good news for India from Iran) है। खाड़ी देशों से गैस और तेल लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत आने वाले जहाजों को ईरान नहीं रोकेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने इसकी जानकारी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि भारत समेत पांच देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है। भारत समेत पांच मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है। अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि, “हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरान की तरफ से ये ऐलान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की उन टिप्पणियों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज को खोलने की बात कही थी। 

अराघची के मुताबिक होर्मुज सिर्फ दुश्मन देशों के लिए बंद है, लेकिन बाकी देशों के लिए खुला है। अराघची ने कहा कि हम युद्ध की स्थिति में हैं, इसलिए अपने दुश्मनों और उनके सहयोगियों के जहाजों को गुजरने देने का कोई कारण नहीं है। उन्होने कहा कि कई जहाज मालिकों या उन देशों, जिनके ये जहाज हैं, ने हमसे संपर्क किया है और अनुरोध किया है कि हम होर्मुज से उनके जहाजों को सुरक्षित गुजरने को सुनिश्चित करें। इनमें से कुछ देशों के लिए, जिन्हें हम मित्र मानते हैं, या ऐसे मामलों में जहां हमने अन्य कारणों से ऐसा करने का फैसला किया है, हमारी सेनाओं ने सुरक्षित मार्ग प्रदान किया है। आपने खबरों में देखा होगा- चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक, भारत (इंडिया के दो जहाज कुछ दिन पहले गुजरे थे) और कुछ अन्य देश, मेरा मानना ​​है कि बांग्लादेश भी, ये वे हैं जिन्होंने हमसे बात की और हमारे साथ तालमेल बिठाया। यह भविष्य में भी जारी रहेगा, युद्ध के बाद भी।

अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही

उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान बातचीत नहीं कहलाता। सरकारी टेलीविजन से बात करते हुए अराघची ने साफ किया कि बैकचैनल से संदेशों का आदान-प्रदान करना औपचारिक कूटनीति नहीं है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, ‘अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।

ईरान अपनी शर्तों पर ही करेगा सीजफायर

ईरानी मंत्री ने आगे कहा कि ईरान ने अपनी मजबूती का प्रदर्शन किया है और दुनिया को यह दिखा दिया है कि कोई भी देश उसकी सुरक्षा को खतरा नहीं पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान युद्ध को लंबा नहीं खींचना चाहता, लेकिन समाधान उसकी अपनी शर्तों पर ही होगा। उन्होंने कहा, ‘ईरान युद्ध नहीं चाहता है, वह इस संघर्ष का स्थायी अंत चाहता है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन अपनी शर्तों पर, जिसमें भविष्य में हमले न होने की गारंटी और युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई शामिल है।

क्या होगा भारत को फायदा?

हॉर्मुज का खुला रहना भारत के लिए जरूरी और फायदेमंद है, क्योंकि इस रूट के जरिए मध्य-पूर्व से रोज 2.5–2.7 मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) भारत आता है। इनकी स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित हो, इसलिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला रहना जरूरी है। कई दिनों से एलपीजी की किल्लत को लेकर चर्चा चल रही थी। हालांकि सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताया। मगर अब जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल जाएगा, तो भारत में तेल-गैस की आपूर्ति सामान्य तरीके से हो सकेगी। इससे एलपीजी वितरण भी बेहतर होगा और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की अटकलों पर विराम लगेगा।

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