कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री आवास पर राजनीतिक मुलाकातों का दौर शुरू हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नव नियुक्त और पुराने मंत्रियों के साथ बैठक कर भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन शुरू कर दिया है।
वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी
मंत्रिमंडल विस्तार के ठीक बाद जदयू कोटे के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी और लेसी सिंह ने नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नीतीश कुमार ने जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा को भी विशेष तौर पर बुलाया। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी पूर्व मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जिससे स्पष्ट है कि पार्टी और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की तैयारी की जा रही है।
कामकाज और संगठन पर जोर
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा मंत्रियों के विभागों का बंटवारा और उनके आगामी कामकाज की रूपरेखा तैयार करना है। नीतीश कुमार ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिया है कि सरकार की योजनाओं का लाभ जमीन तक पहुंचना चाहिए। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि मंत्रियों को सरकार और संगठन के बीच सेतु का काम कैसे करना है, ताकि आने वाले चुनावों से पहले जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए।
स्वास्थ्य विभाग और विशेष फोकस
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री निशांत के विभाग को लेकर भी लंबी चर्चा हुई। स्वास्थ्य क्षेत्र नीतीश सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है, ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली और आगामी लक्ष्यों को लेकर नीतीश कुमार ने वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि कामकाज में पारदर्शिता और गति ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
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