दुर्ग। आवास प्लस एप में सिस्टम द्वारा जिले के साढ़े बारह सौ हितग्राही अपात्र कर दिए गए है। इन सभी का आवास सूची में नाम होने के बाद भी अपात्र कर दिए जाने से 9 सालों बाद भी इनके सिर के ऊपर पक्का छत नहीं मिल पाया है। कच्चा मकान टूट जाने के बाद एक महिला पूनम हास्टल में रहने को मजबूर है।

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सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष व जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रिवेन्द्र यादव के नेतृत्व में लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस एप में सिस्टम द्वारा अपात्र किये गये हितग्राहियों का आवास पुनः स्वीकृति कराने मांग की है।

उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत दुर्ग जिला दुर्ग के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस एप में सिस्टम द्वारा लगभग 353 हितग्राहियों का नाम अपात्र में सम्मलित कर दिया गया है जो सामान्य रूप से कोई भी हितग्राही का आवास स्वीकृति के 13 बिन्दू नियम में पात्र / अपात्र से अलग जिसका किसी भी प्रकार से संशोधन या पुनः स्वीकृति के लिए सिस्टम असक्षम है। ऐसे में दुर्ग जनपद के सूची में 353 हितग्राही सहित जिले के हजारों अति जरूरतमंद व पात्र हितग्राहियों का आवास बनाने का आस व सपना टूट रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वे उपरांत भौतिक सत्यापन में ग्राम सभा में अनुमोदन पश्चात इन हितग्राहियों का सूची में नाम जोड़ा गया था।

उनका कहना है कि शासन प्रशासन स्तर पर ऐसे सिस्टम द्वारा अपात्र हितग्राहियों को एक तरह से ब्लैकलिस्ट काली सूची में डल जाने पर समाधान हेतु कोई व्यवस्था अब तक नही किया जाना इस योजना की शत प्रतिशत सफलता पर प्रश्नचिन्ह है। ग्राम अंजोरा ख की पूनम वैष्णव बताती है कि वे अपने माता पिता के पास रहती थी उनकी माँ 2011 में गुजर गई भाई 2015 एवं पिता 2017 में चल बसे उनका कच्चा मकान था, जो टूट गया ऐसे में कोई आश्रय नहीं होने के कारण वे जिस हास्टल में काम करती है वहीं रहने मजबूर है।

सीबीएसई ने ओईसीएमएस पोर्टल खोला, 13 तक सुधार का अंतिम मौका

भिलाईनगर। सीबीएसई ने मुख्य परीक्षा 2026 से जुड़े डेटा में त्रुटियों को सुधारने के लिए ओईसीएमएस पोर्टल खोल दिया है। बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों के प्राचार्यों व सेंटर सुपरिटेंडेंट्स को निर्देशित किया है कि वे पोर्टल पर दर्ज जानकारी का सत्यापन कर आवश्यक सुधार 13 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें।

पूर्व में कई स्कूलों द्वारा गलत या अधूरी जानकारी दर्ज किए जाने के कारण भुगतान दावों में त्रुटियां सामने आई थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार डेटा सुधार का विशेष अवसर दिया गया है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक संशोधन करा सकते हैं। साथ ही, सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे क्षेत्रीय कार्यालय के समन्वय से पोर्टल पर दर्ज त्रुटियों को सुधारें और छूटी हुई जानकारी भी अपडेट करें। 13 अप्रैल के बाद इस संबंध में किसी भी प्रकार के अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

लंगूर का शिकार करने वाला आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। वन विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने वन्यजीव अपराध के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम दनिया (बोरी), धमधा में दो लंगूरों के शिकार के मामले में बड़ी कार्यवाही की है। विभाग ने एयर गन से वन्य प्राणी का शिकार करने वाले मुख्य अभियुक्त अजय पटेल, पिता लुमन पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 अप्रैल को वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए ग्राम दनिया में दबिश दी थी। यहाँ अभियुक्त द्वारा दो लंगूरों (सेम्नोपिथेकस एंटेलस) का एयर गन से अवैध शिकार किया गया था। उल्लेखनीय है कि लंगूर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 2 के अनुक्रमांक 24 के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है। इस गंभीर कृत्य पर त्वरित संज्ञान लेते हुए वन विभाग दुर्ग ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39 एवं 51 के उल्लंघन के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 6983/17 पंजीबद्ध किया है।

इस मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस और वन विभाग की टीम ने अभियुक्त अजय पटेल को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे 21 अप्रैल तक की न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीवों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्यवाही जारी रहेगी।

मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती पागल व्यक्ति की हत्या

राजनांदगांव। देवादा मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती एक पागल व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना बुधवार 8 अप्रैल की रात की बताई जा रही है। हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर कीरो ने बताया कि बुधवार रात देवादा मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती एक पागल व्यक्ति की हत्या हो गई। मृतक का नाम कांताराम निवासी चिखली राजनांदगांव बताया जाता है । मानसिक स्थिति बिगड़ जाने के कारण वह देवादा मेंटल हॉस्पिटल में उपचार के लिए भारती था जिसका पिछले कुछ समय से इलाज चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि दो पक्षों में विवाद हुआ और जमकर मारपीट भी हुई। इसके चलते कांता राम की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आरोपी सस्पेक्टेड है। जांच के बाद ही हत्या के कारण का खुलासा हो पाएगा।

देवादा स्थित मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती किसी मरीज की हत्या का यह पहला सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। अस्पताल परिसर के भीतर हुई इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती मरीज की हत्या हो गई और प्रबंधन इस संबंध में कुछ नहीं कर पाया। बताया जाता है कि यदि प्रबंधन तुरंत हरकत में आता तो हत्या की इस वारदात को रोका जा सकता था।

थाने के अंदर ‘सौदेबाजी’ में एएसआई और आरक्षक निलंबित

डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ थाना एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को निलंबित कर दिया है।

वायरल वीडियो में थाना परिसर के भीतर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। फुटेज में एक एएसआई, जिसे रोहित खूंटे बताया जा रहा है, मोबाइल फोन में एक महिला की तस्वीर को ज़ूम कर देखते नजर आते हैं। इसके अलावा वीडियो में एक वर्दीधारी आरक्षक, जिसे लक्ष्मी शंकर कंवर बताया जा रहा है, नगदी लेकर जेब में रखते दिखाई देता है। आगे के हिस्से में एएसआई द्वारा संबंधित व्यक्ति से और पैसों की मांग करने तथा “मामला निपटाने की बात कहने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सामने आए दृश्य ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। इसी के चलते एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

सोसायटी में गुपचुप तरीके से भर्ती, डीआर की भूमिका पर सवाल

राजनांदगांव। जिले से लेकर राज्य स्तर पर इन दिनों सहकारिता विभाग की जमकर मनमानी चल रही है। ऐसा ही सनसनीखेज मामला छुरिया ब्लाक के सोसायटी में सामने आया है। जहां राज्य स्तर पर बैठे सहकारिता विभाग के बड़े अफसर ने अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने ऐसे सोसायटी में प्रत्याशा पर सोसायटी प्रबंधक की नियुक्ति दे दी हैं, जो अभी अस्तित्व में नही आया है। इसके आलावा उसी सोसायटी प्रबंधक के भाई को बगैर बैठक अनुमोदन के लिपिक पद पर पदस्थ कर दिया गय है। दोनो ही आदेश को एक अप्रैल को जारी किया गया। इस पूरे खेल में राजनांदगांव के सहकारिता मानी जा रही है।

विभाग के डीआर की भूमिका संदिग्ध

जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव के छुरिया ब्लाक में पुर्नगठित सोसायटी जो अस्तित्व में ही नही आया हैं. उस सोसायटी में सहकारिता विभाग ने शुभम कांडे को सोसायटी प्रबंधक पद पर पूर्ण प्रभार दे दिया है। इसी तरह दूसरे रिश्तेदार सौम्य कांडे पिता कृष्ण कुमार कांडे को भी बगैर विज्ञापन और नियम को पालन किए बगैर शिकारीमहका सोसायटी में लिपिक सह कम्प्यूट आपरेटर के पद नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया है। एक अप्रैल को दोनों की नियुक्ति आदेश जारी होने से हड़कंप मच गई हैं। इस नियुक्ति के बाद सोसायटी संघ में खलबली मच गई है।

सरखेड़ा राशन दुकान में 45 क्विंटल चावल गायब

औंधी। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में गरीबों के हक पर डाका डालने वाले राशन माफिया के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आ रहे हैं और इसका ताज़ा प्रमाण मोहला- मानपुर – अंबागढ़ चौकी जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम सरखेड़ा में देखने को मिला है। यहाँ प्रज्ञा सील स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान से लगभग 45 क्विंटल सरकारी चावल रहस्यमयी तरीके से गायब होने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है।

पूरी घटना की कड़ियाँ उस समय जुड़नी शुरू हुईं जब एक लंबे अंतराल के बाद राशन दुकान का ताला खोला गया और स्टॉक के आंकड़ों ने सभी को हैरत में डाल दिया। रिकॉर्ड के मुताबिक दुकान के भीतर 120 कट्टे सुरक्षित होने का दावा किया गया था, लेकिन जब 26 मार्च को दुकान का शटर उठा तो मौके पर मात्र 30 कट्टे ही शेष मिले। यह घटनाक्रम इसलिए भी संदिग्ध है क्योंकि यह दुकान 19 मार्च से 26 मार्च तक बंद थी और इसी ‘डेथ पीरियड’ के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में अनाज का पार होना किसी सोची- समझी साजिश की ओर इशारा करता है।

45 क्विंटल चावल को बिना किसी बड़े वाहन और संगठित गिरोह के हटाना मुमकिन नहीं है, जो इस पूरी वारदात को और भी ज्यादा संदेहास्पद बनाता है। इस गंभीर मामले को लेकर 9 अप्रैल को ग्राम पंचायत सरखेड़ा में सरपंच, सचिव और समस्त ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें भ्रष्टाचार की कई नई परतें उधड़कर सामने आई हैं।

बैठक में यह विस्फोटक खुलासा हुआ कि शासन की ओर से राशन का कोटा तो हमेशा पूर्णतः भेजा जाता था, लेकिन वितरण करने वालों का यह कहना है कि दुकान तक कभी पूरा चावल पहुंचता ही नहीं था । यह विरोधाभास साफ तौर पर दर्शाता है कि आपूर्ति और वितरण के बीच में कोई बहुत बड़ा झोल है, जिसे ‘चोरी’ का नाम देकर दबाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने बैठक में अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि सरखेड़ा के लगभग 108 कार्डधारियों को मार्च महीने से अब तक राशन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने भूखमरी की स्थिति निर्मित हो गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि स्टॉक में हुई इस भारी कमी को जानबूझकर पिछले पाप को चोरी बताया जा रहा है ताकि कई महीनों से किए जा रहे गबन के ढका जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को मानपुर के खाद्य निरीक्षक हेमंत नायक ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें यह पाया गया कि दुकान का स्टॉक रजिस्टर तक मेंटेन नहीं था। बिना आधिकारिक रिकॉर्ड के राशन का भंडारण और वितरण करना सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है, फिर भी विभाग की आंखें अब तक बंद थीं। अधिकारियों द्वारा अब केवल स्पष्टीकरण नोटिस भेजने की बात कही जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है।

नियम विरुद्ध शासकीय जमीन आबंटन पर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई शुरू

खैरागढ़। क्षेत्र की दो पंचायतों से जुड़े मामलों में प्रशासन ने अहम कार्रवाई की है। एक ओर ग्राम पंचायत गर्रापार में नियमों के विरुद्ध शासकीय भूमि आबंटन के मामले में सरपंच के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत पेंड्रीकला के वार्ड क्रमांक 4 में पंच पद का निर्वाचन निरस्त कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गर्रापार के ग्रामीण मनराखन पटेल सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने आवेदन देकर आरोप लगाया था कि सरपंच ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एक व्यक्ति को शासकीय जमीन का आबंटन कर दिया।

जांच में पाया गया कि छोटे झाड़ के जंगल व घास मद की शासकीय भूमि का आबंटन रोहित पटेल के नाम किया गया जो नियमों के विपरीत था। मामले में संबंधित पंचायत प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया है तथा सरपंच के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसी तरह ग्राम पंचायत पेंड्रीकला के वार्ड क्रमांक 4 के पंच निर्वाचन को लेकर दायर अपील में भी बड़ा फैसला सामने आया है।

लक्ष्मीनारायण साहू द्वारा प्रस्तुत अपील पर सुनवाई के बाद यह पाया गया कि निर्वाचित पंच मनोहर साहू नामांकन दाखिल करने के समय निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूरी नहीं कर पाए थे। इस आधार पर उन्हें पंच पद के लिए अयोग्य मानते हुए निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने संबंधित पद रिक्त मानते हुए उप निर्वाचन की प्रक्रिया नियमानुसार कराने के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

ग्राम कसारी में गांजा के पौधों के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार

राजनांदगांव। मुढ़िया मोहारा क्षेत्र के ग्राम कसारी में गांजा का पौधा उगाते पुलिस ने पति पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा पौधे जब्त किए गए हैं। मोहारा पुलिस चौकी मामले की जांच कर रही है।

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