दुर्ग। गर्मी अपने शबाब पर अभी आई नहीं है, उसके पहले ही असर दिखना शुरू हो गया है। आमनेर नदी के पूरी तरह सूख जाने की वजह से आसपास के कई ग्रामों में भारी जल संकट की स्थिति निर्मित हो गई है। वहीं नदी में जलाशय से भी पानी नही छोड़े जाने के कारण भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। इसकी वजह से अनेक ग्रामों में 50 प्रतिशत से अधिक बोर बंद हो जाने से निस्तारी व पेयजल समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। अनेक किसानों के गेहूँ की फसल पूरी तरह नहीं पक पाए।

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ग्राम घसरा निवासी किसान चंद्रिका पटेल बताते है कि उनके ग्राम में 70 प्रतिशत बोर सूख चुके है। उन्होंने 7 एकड़ में गेहूँ की फसल ली थी मगर भूजल स्तर नीचे चले जाने से फसल पूरी तरह पक नहीं पायी उनका कहना है। पीने के पानी तक को लेकर तकलीफ आ रही है। पानी टंकी में पानी नहीं भर रहा है। एक मात्र पंप चालू है कोई घर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्राम खिलोरा खुर्द निवासी जगन्नाथ पटेल का कहना है नदी सूखने से उनके ग्राम के 50 प्रतिशत बोर भी सूख गए है। किसान जिन किसानों के बोर चालू है उनसे पानी लेकर फसल को बचाए हुए हैं सिंचाई के साथ पेयजल की भी समस्या है।

निस्तारी के लिए हो रही है दिक्कत

ग्राम सुखरी निवास वेद राम पटेल का कहना है कि निस्तारी के लिए ग्राम में तरिया नहीं है। आमनेर की पानी से ही लोग निस्तारी करते है जो सूख जाने से उनके ग्राम में निस्तारी को लेकर भारी समस्या आ रही ग्राम के अनेक बोर सूख गए है। ऐसे में महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

तुमकला निवासी प्रकाश कश्यप का कहना नलकूप से पानी आना बंद हो गया है मात्र एक बोर के भरोसे गुजारा चल रहा उन्होंने दो एकड़ में भिंडी, भटा एवं बरबट्टी की फसल ली है, जिसे बचाने दूसरे की बोर चालू है वहाँ से पानी ले रहे जो बोर चालू है वह भी ट्रीप मारमार कर चल रहा है।

भाठा कोकड़ी के अघनु पटेल बताते हैं कि आमनेर सूखने से भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है अनेक बोर बंद जिसमें पानी आ रहा है उसमें भी कम पानी है। ग्राम डोड़की निवासी कृषक जीवन वर्मा बताते हैं उनके पास कृषि पंप वाले 12 बोर है। इसमें 4 बंद है पहले मार्च माह में आमनेर में पानी छोड़ा जाता था। इस बार आधा अप्रैल गुजर जाने के बाद भी पानी नहीं छोड़ा गया है।

विधायक निधि के कार्य ऑनलाइन पोर्टल से होंगे संचालित

दुर्ग। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमएलएएलएडीएस) की संपूर्ण प्रक्रिया को 1 अप्रैल से ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने के लिए दुर्ग संभाग के सभी जिलों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) के राधाकृष्णन हॉल में दिया गया। संचालनालय योजना एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक डी. एस. वर्मा एवं संतोष राय ने विधायक निधि की पारदर्शी डिजिटल रूपरेखा की विस्तार से जानकारी दी।

इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि सांसद निधि के कार्यों के लिए ई साक्षी पोर्टल का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अनुशंसा प्राप्त करना, स्वीकृति जारी करना और आदेश करना जैसे कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब विधायक निधि के कार्यों को भी इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से रायपुर में इस प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा था और अब इसे सभी जिलों में लागू कर दिया गया है।

कलेक्टर ने कहा कि नई प्रणाली लागू होने पर प्रारंभ में अनेक प्रकार की शंकाएं होती है, लेकिन ये बदलाव प्रशासनिक कार्यों को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए किए जाते हैं। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण देते हुए बताया कि इससे सभी विभागों में कार्यप्रणाली में तेजी और सुगमता आई है।

उन्होंने कहा कि विधायक निधि की स्वीकृति और राशि जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी । उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रक्रिया को बारीकी से समझने को कहा, ताकि प्रणाली का क्रियान्वयन प्रभावी और सुचारू रूप से किया जा सके।

महतारी वंदन योजना के लिए ई-केवाईसी हुआ जरूरी

भिलाईनगर। महतारी वंदन योजना के तहत जिन महिलाओं के खाते में राशि आ रही हो या नहीं आ रही हो अब सभी महिलाओं को 30 जून के पहले ई-केवाईसी करना अनिवार्य हो गया है। उक्त कार्य की जिम्मेदारी चॉइस सेंटर को दी है।

30 अप्रैल से इस कार्य की शुरुआत कर दी गई है। इस कार्य की मॉनिटरिंग कार्यालय परियोजना अधिकारी को सूची एवं आईडी दी गई है, जिसके तहत जिस महिलाओं के ऑनलाइन के दौरान किसी भी तरह की हुई त्रुटि सुधार के लिए बाल विकास परियोजना में जाकर सुधार किया जा सकता है।

इस योजना को शुरू करने के दौरान भिलाई नगर निगम में ऑनलाइन के कार्य किए गए हैं। दिन रात कंप्यूटर ऑपरेटर की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्य में कई त्रुटियां हुई है। अब उन त्रुटियों के सुधार के साथ-साथ जिस महिला को योजना का लाभ दिया जाना है। उस महिला तक शासन की योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी भी पुष्टि शासन स्तर पर की जा रही है।

30 जून तक की समय सीमा

30 जून तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की जाती है, तो लाभार्थी की अगली किश्त रोक दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 3 अप्रैल से इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

ऑपरेशन तलाश ने वापस लौटाई 192 परिवारों में खुशी

भिलाईनगर। दुर्ग जिले में गुम हुए 192 लोगों को पुलिस ने उनके परिवार से मिलाया। 13 दिन तक जिले और राज्य के अलग-अलग जगहों से ढूंढने की कार्रवाई चली। दुर्ग पुलिस के किए गए प्रयासों से न केवल जिले में बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों से भी गुम इंसान को खोज निकाला। इन लोगों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। इसके बाद कई घरों में खुशी लौट आई।

ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिला दुर्ग में 1 से 13 अप्रैल तक गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष अभियान ऑपरेशन तलाश चलाया। अभियान के दौरान जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में विशेष टीमों का गठन कर खोजबीन की। पुलिस ने इसके लिए तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया । सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर गुमशुदा लोगों तक पहुंच बनाई गई।

कई मामलों में पुलिस को दूसरे जिलों और राज्यों की पुलिस से भी मदद लेनी पड़ी। बेहतर तालमेल के कारण इन मामलों में तेजी से कारवाई हो सकी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई लोग ऐसे थे जो किसी कारण से घर छोड़कर चले गए थे, जबकि कुछ मामलों में परिवार वालों को उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। ऐसे में पुलिस की टीमों ने लगातार कोशिश करते हुए उन्हें खोज निकाला।

इस अभियान के दौरान कुल 192 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित बरामद किया गया। इनमें 05 बालक, 09 बालिकाएं, 127 महिलाएं एवं 51 पुरुष शामिल हैं। इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने न सिर्फ शहर में बल्कि आसपास के इलाकों और दूसरे राज्यों में भी जाकर तलाश की। हर सुराग को गंभीरता से लिया गया और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। गुमशुदा लोगों के मिलने के बाद जब उन्हें उनके परिवारों से मिलाया गया, तो कई भावुक पल भी देखने को मिले। दुर्ग पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी चलाए जाएंगे।

पानी टंकी बनी, लेकिन घरों तक नहीं पहुंचा पानी

भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम के वार्डों में गर्मी शुरू होते ही पानी की समस्या विकराल हो जाती है। एक और इस समस्या के निराकरण को लेकर सुपेला संडे बाजार के पास 32 लाख लीटर क्षमता की पानी टंकी का निर्माण किया गया है। 77 एमएलडी फिल्टर प्लांट से पानी टंकी तक पानी पहुंच गया है, लेकिन पाइप लाइन दुरुस्त नहीं होने से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है.

पार्षद की भी मजबूरी हो रही है कि पानी के लिए जोन के जोन आयुक्त एवं जल कार्य के कर्मचारियों अधिकारियों को वार्डों में पानी पहुंचाने टैंकर की मांग कर रहे हैं। लक्ष्मी नगर वार्ड 10 में पार्षद चंद्रशेखर गवई ने लोगों की मांग पर पानी टैंकर मांगा, तो अधिकारी अन्य स्थानों में पानी भेज रहे हैं. लेकिन जहां अति आवश्यक क्षेत्र है, वहां पानी भेजने में अधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।

पाटन नगर पंचायत का 46.39 करोड़ का बजट किया पेश

पाटन। सामान्य सभा परिषद की बैठक में अध्यक्ष योगेश निक्की भाले ने वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए 46 करोड़ 39 लाख 73 हजार रुपये का बजट पेश किया, जिसमें आधारभूत सुविधाओं और विकास योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।

बजट में नगर के समग्र विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं में विशेष फोकस रखा गया है। राजस्व आय अंतर्गत संपत्ति कर, समेकित कर, जलकर, चुंगी क्षतिपूर्ति, मनोरंजन कर, दुकान एवं भवन किराया, विकास शुल्क सहित अन्य स्रोतों से लगभग 11 करोड़ रुपये आय का प्रावधान रखा गया है।

वहीं केंद्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त होने वाली राशि को मिलाकर पूंजीगत आय के अंतर्गत 35 करोड़ 39 लाख 73 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। राजस्व व्यय के तहत वेतन, भत्ता, जीपीएफ, ईपीएफ, प्रशासनिक खर्च, संचालन एवं रख-रखाव सहित अन्य मदों में करीब 10 करोड़ 97 लाख 69 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य योजनाओं के लिए अलग से राशि निर्धारित की गई है।

रेलवे लाइन पर लोहा रखकर ट्रेन को क्षति पहुंचने वाला गिरफ्तार

राजनांदगांव। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल सतर्क एवं प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में 05 अप्रैल 2026 को गाड़ी संख्या 12856 इतवारी बिलासपुर एक्सप्रेस के इंजन के मध्य किलोमीटर संख्या 891 / 6 पर एक जुगल प्लेट इंजन के परमालकसा नीचे टकराने से इंजन का तेल टैंक क्षतिग्रस्त हो गया था । घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षाबल पोस्ट डोंगरगढ़ द्वारा अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध दर्ज कर मामले की जांच प्रारंभ की गई। यह घटना रेल परिजन के लिए गंभीर एवं सभावित दुर्घटना का कारण बन सकता था।

दीप चंद आये महल रेलवे सुरक्षा बल दक्षिणपुरी मध्य रेलवे नागपुर के मार्गदर्शन एवं निरीक्षक प्रभारी रेजुब पोस्ट डोगरगढ़ के नेतृत्व में टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अपराध क्रमांक 506/2026 के तहत धारा 153. 174 (बी) एवं 147 रेलवे अधिनियम में प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच आगे बढ़ाई गई। रेलवे लाइन में लोहा रखकर ट्रेन को छति पहुंचने वाले को गिरफ्तार किया गया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर 12 अप्रैल की ग्राम पारीनाला में एक घर पर दबिश दी गई। पूछताछ के दौरान एक बालक गजेन्द्र यादव ( उस लगभग 15 वर्ष) निवासी पारीकला जिला राजनादगांव (छत्तीसगढ़) को चिन्हित किया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने रेलवे लाइन के पास पड़े लोहे के टुकड़े की यह सोचकर पटरी पर रख दिया था कि ट्रेन के गुजरने से वह सीधा हो जाएगा।

बालक के इस कृत्य के कारण इंजन के ऑयल टैंक को क्षति पहुंची तथा रेल परिचालन प्रभावित हुआ। आरोपी द्वारा अपनी गलती स्वीकार करने के उपरांत विधि अनुसार कार्रवाई करते हुए उसे मामले में सम्मिलित किया गया।