पटना। बिहार की सियासत में विधान परिषद (MLC) की खाली सीटों को लेकर हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को भाजपा नेता मंगल पांडेय के विधायक बनने से रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। इस सीट के साथ-साथ राधा चरण शाह के इस्तीफे से खाली हुई भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय सीट पर भी 12 मई को मतदान होगा और उसी शाम नतीजे घोषित किए जाएंगे।

​कुशवाहा परिवार की दावेदारी और चुनावी समझौता

​समीकरणों के लिहाज से मंगल पांडेय वाली सीट पर उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का एमएलसी बनना लगभग तय है। वह नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके हैं, लेकिन वर्तमान में किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने उपेंद्र कुशवाहा को लिखित में इस सीट का भरोसा दिया था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।

​भोजपुर-बक्सर: दो पूर्व MLC के बेटों में जंग

​भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। यहां विरासत की जंग देखने को मिलेगी:

  • ​RJD: पूर्व MLC लालदास राय के पुत्र सोनू कुमार राय को मैदान में उतारा है।
  • ​JDU: पूर्व MLC राधाचरण साह के पुत्र कन्हैया प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है।

​2026 का गणित: 9 सीटों का फॉर्मूला

​28 जून 2026 को विधान परिषद की 9 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें JDU की 3, RJD की 2, और BJP-कांग्रेस की 1-1 सीटें शामिल हैं। सम्राट चौधरी और भगवान सिंह कुशवाहा के विधायक बनने से 2 सीटें पहले ही खाली हो चुकी हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मंगल पांडेय के विधानसभा चुनाव जीतने से खाली हुई 3 सीटों पर भी उपचुनाव होने हैं।

​जीत का गणित और सीटों का बंटवारा

​विधान परिषद चुनाव में जीत के लिए प्रति प्रत्याशी लगभग 25 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। वर्तमान संख्या बल के आधार पर NDA का पलड़ा भारी है। महागठबंधन के पास केवल 41 विधायक हैं, जो दूसरा प्रत्याशी उतारने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

  • ​संभावित बंटवारा: JDU को 4, BJP को 3, RLM और RJD को 1-1 सीट मिल सकती है। इस चुनाव के जरिए LJP(R) का भी विधान परिषद में खाता खुलने की संभावना है।