पटना। यह शहर का एक ऐसा मामला है जहां संपत्ति का विवाद और पारिवारिक कलह इस कदर बढ़ी कि मामला बिहार राज्य महिला आयोग तक जा पहुंचा। यहां बहू ने सास पर गंभीर आरोप लगाए, तो सास ने बहू पर प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश का दावा किया।

​सास-बहू के विवाद में ‘प्रॉपर्टी’ बनी दीवार

​पटना की एक विवाहिता ने बिहार राज्य महिला आयोग में गुहार लगाई कि उसकी सास उसके वैवाहिक जीवन में बाधा डाल रही हैं। बहू का सबसे चौंकाने वाला आरोप यह था कि सास उसके पति को उसके कमरे में जाने से रोकती हैं। सास का तर्क है कि यदि दोनों साथ रहेंगे और बच्चा हुआ, तो बहू बच्चा पैदा करके उनकी संपत्ति हड़प लेगी। बहू ने यह भी आरोप लगाया कि इसी तनाव और मारपीट के कारण उसका एक बार गर्भपात (मिसकैरेज) भी हो चुका है।

​सास के आरोप: बहू और मायके वालों का दबाव

​दूसरी ओर, सास ने आयोग में आवेदन देकर बहू पर ही प्रताड़ना के आरोप लगाए। सास के अनुसार, उनके बेटे की शादी अप्रैल 2024 में हुई थी, जिसके बाद से ही बहू घर में झगड़ा करने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बहू का भाई और मां आकर संपत्ति के लिए धमकी देते हैं। सास का कहना है कि उन्होंने लोन लेकर जो फ्लैट बनवाया है, बहू उस पर अपना अधिकार जमाना चाहती है और बार-बार दो फ्लैट की मांग करती है।

​मिसकैरेज और मारपीट का दावा

​बहू ने आयोग को बताया कि जनवरी 2026 में सास और उनकी सहेलियों ने मिलकर उसे बुरी तरह पीटा। उसका कहना है कि वह दो महीने की गर्भवती थी, लेकिन इस हिंसा के कारण उसका मिसकैरेज हो गया। बहू के मुताबिक, सास उसे पहनावे और शिष्टाचार को लेकर भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं। उसने यह भी कहा कि सास की वजह से हमारा वंश आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

​आयोग की पहल और अंत में सुलह

​बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को सुना। पहले पुलिस स्तर पर सुलह की कोशिश हुई थी, जहां दोनों को अलग-अलग मंजिलों पर रहने को कहा गया, लेकिन इससे पति-पत्नी के रिश्ते में दूरी आ गई। आयोग ने एक सकारात्मक कदम उठाते हुए सास, बेटे और बहू को 10 दिनों तक साथ रहकर सुखी दांपत्य जीवन बिताने का निर्देश दिया।
​अंततः, 10 दिनों के इस ‘ट्रायल’ के बाद गुरुवार को तीनों ने आयोग में पेश होकर आपसी सहमति जताई। सास ने अपना केस वापस ले लिया और अब परिवार साथ रहने को तैयार है। आयोग ने इस मामले को सफलतापूर्वक निष्पादित कर दिया है।