कुंदन कुमार, पटना। पूर्व सीएम नीतीश कुमार की तरह अब राज्य के नए सीएम सम्राट चौधरी भी जनता दरबार लगाएंगे। जनता दरबार कार्यक्रम की आज शुक्रवार (17 अप्रैल) से शुरुआत हुई है। बिहार के अलग-अलग जिलों से अपनी समस्याओं को लेकर फरियादी जनता दरबार पहुंचे जहां उनकी समस्याओं को सुना गया और उसके समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया।
सीएम ने टोपी पहनने से किया इंकार
जनता दरबार के पहले दिन आज लोगों की समस्याओं को सुनने व समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद मौजूद थे। जनता दरबार में अल्पसंख्यक समाज से जुड़े लोग भी पहुंचे हुए थे। इस दौरान वे सीएम सम्राट चौधरी का स्वागत भी कर रहे थे।
हालांकि इस दौरान एक अजीबो-गरीब स्थिति उस समय पैदा हो गई, जब अप्लसंख्यक समाज के एक व्यक्ति ने सीएम सम्राट चौधरी को अपने समुदाय की टोपी पहनाने की कोशिश की लेकिन सीएम ने टोपी पहनने से इंकार कर दिया और टोपी को लेकर उसे अपने सुरक्षा कर्मियों को दे दिया। हालांकि इस दौरान उन्होंने गमछा पहना और उस व्यक्ति को हाथ जोड़कर प्रणाम किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
2006 में हुई थी जनता दरबार की शुरुआत
बता दें कि साल 2006 में नीतीश कुमार ने जनता दरबार कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य बिहार के अलग-अलग जिलों से अपनी समस्याओं को लेकर जनता दरबार में आए फरियादियों की समस्याओं को सुनना और ऑन द स्पॉट मौके पर उनका समाधान करना था। जनता दरबार में आने के लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है।
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