​भागलपुर। शुक्रवार को जिले की सड़कें उस समय नारों से गूंज उठीं जब बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के सैकड़ों कार्यकर्ता सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर सड़क पर उतर आए। शहर के कचहरी चौक से शुरू हुए इस विरोध मार्च ने स्थानीय प्रशासन और सरकार को कड़ा संदेश देने का प्रयास किया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।

​प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रहा विरोध

​विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने देश और समाज में बढ़ती ‘कथित जिहादी गतिविधियों’ पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मौजूद बैनर और पोस्टर चीख-चीख कर अपनी मांगें रख रहे थे। मुख्य रूप से लव जिहाद, जमीन कब्जा, खान-पान में अपवित्रता और जनजातीय समुदायों के उत्पीड़न जैसे गंभीर विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का आरोप है कि इन प्रवृत्तियों के कारण हिंदू समाज और जनजातीय क्षेत्रों में असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है।

​यह केवल चेतावनी है: विश्वजीत सिंह

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विश्वजीत सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह मार्च केवल एक संकेत है। उन्होंने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा, आज हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और पुतला फूंक कर सांकेतिक विरोध दर्ज करा रहे हैं। लेकिन, यदि इन मुद्दों पर सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले समय में बजरंग दल पूरे जिले में ईंट से ईंट बजा देगा।

​सामाजिक ढांचे पर खतरे का अंदेशा

​कार्यकर्ता बिशु मंडल ने संबोधन के दौरान कहा कि लव जिहाद और अवैध भूमि अतिक्रमण जैसी घटनाएं केवल अपराध नहीं हैं, बल्कि ये समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की एक गहरी साजिश हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को इन मामलों में विशेष कानून और सख्त निगरानी तंत्र विकसित करना चाहिए ताकि सामाजिक संतुलन बना रहे।

​पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा और यातायात

​विरोध मार्च कचहरी चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न व्यस्त मार्गों से गुजरा। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ा। हालांकि, भागलपुर पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की सक्रियता के कारण स्थिति शांतिपूर्ण रही और प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध दर्ज कराकर मार्च समाप्त किया।