संजीव शर्मा, कोंडागांव। कभी नक्सल प्रभाव के कारण जहां जिले के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में जाना लोगों के लिए जोखिम भरा माना जाता था, वहीं अब वही क्षेत्र विकास और पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहे हैं। कोंडागांव में हालात बदलने के साथ ही अब यहां की प्राकृतिक संपदा को संवारने और उसे पर्यटन से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है।

इसी क्रम में ग्राम पुष्पपाल में वन विभाग द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पहाड़ों के बीच बहती स्वच्छ नदी, घने हरियाली से ढके जंगल और शांत प्राकृतिक वातावरण इस क्षेत्र को एक मनमोहक स्थल बना रहे हैं। विभाग की योजना है कि इस प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए इसे एक विकसित पर्यटन स्थल के रूप में तैयार किया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकें।

इस बीच प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने भी पुष्पपाल का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। साथ ही नादिया पठार और आसपास की पहाड़ियों के बीच फैली पुष्पपाल वैली की प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से देखा। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब यह क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और इसे पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मंत्री कश्यप ने यह भी कहा कि आने वाले समय में यहां आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि यह क्षेत्र न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना सके।
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