सोहराब आलम/ मोतिहारी। रक्सौल (पूर्वी चम्पारण): भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा, तस्करी पर लगाम और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर SSB मुख्यालय रक्सौल में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बिहार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक (DGP) की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सुरक्षा चुनौतियों और आर्थिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

​सीमा सुरक्षा एवं अतिक्रमण पर कड़ा रुख

​पूर्वी चम्पारण की 114.54 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित 1237 स्तंभों की स्थिति जांची गई। 73 क्षतिग्रस्त स्तंभों के लिए नियमित मॉनिटरिंग और मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नो-मैन्स लैंड और सीमावर्ती क्षेत्रों में चिन्हित 121 अतिक्रमणों में से 117 को हटा दिया है। साथ ही, नो-मैन्स लैंड में स्थित 4 अनधिकृत धार्मिक ढांचों पर भी नजर रखी जा रही है।

​अपराध और तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता

​वर्ष 2022 से 2026 के आंकड़ों के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों ने शानदार प्रदर्शन किया है:

  • ​नशीले पदार्थ और शराब: शराब तस्करी के 22,500 मामले और भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद।
  • ​हथियार और जाली नोट: 779 हथियार तस्करी मामलों में 1179 गिरफ्तारियां और ₹54.64 लाख के जाली नोट जब्त।
  • ​विदेशी घुसपैठ: कुल 41 मामलों में से अकेले 2025 में 25 विदेशी (बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, अबू धाबी नागरिक) पकड़े गए।
  • ​मानव तस्करी: रक्सौल में 574 बच्चों का रेस्क्यू किया गया और संदिग्ध कंपनियों को चिन्हित किया गया है।

​विकास और आर्थिक प्रगति

​बैठक में रक्सौल एयरपोर्ट के लिए भूमि अर्जन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) के तहत 12 सीमावर्ती गांवों में सर्वे पूरा हो चुका है और 125 योजनाओं पर काम जारी है। आर्थिक मोर्चे पर, मोतिहारी अंचल में GST संग्रह में 20.26% और रक्सौल अंचल में 14.96% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो क्षेत्र की सुधरती अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।