राजधानी दिल्ली में अब पेड़ों को नुकसान पहुंचाना आसान नहीं होगा। शहर की हरियाली को संरक्षित करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए एक नई निगरानी व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था के तहत पेड़ों की कटाई या किसी भी प्रकार की क्षति की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नई प्रणाली में आम नागरिकों को भी सीधे तौर पर निगरानी तंत्र से जोड़ा गया है, जिससे लोग पेड़ों से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग तक पहुंचा सकेंगे। इससे न केवल जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में जनता की भागीदारी भी मजबूत होगी। इस पहल को दिल्ली सरकार के हरित अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य राजधानी में घटती हरियाली को बचाना और शहरी पर्यावरण को संतुलित बनाए रखना है।
दिल्ली में पेड़ों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू कर दी है, जिसके तहत अब किसी भी पेड़ को नुकसान पहुंचाने या अवैध कटाई की शिकायत सीधे दर्ज की जा सकेगी। शिकायत मिलते ही संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर त्वरित जांच और कार्रवाई करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य राजधानी में बढ़ती शहरी जरूरतों के बीच हरियाली को सुरक्षित रखना और पेड़ों की अवैध कटाई पर पूरी तरह रोक लगाना है। अब नागरिकों की भागीदारी को भी इस प्रणाली का अहम हिस्सा बनाया गया है, ताकि निगरानी और जवाबदेही दोनों मजबूत हों।
सख्ती के साथ कार्रवाई भी
रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली में पेड़ों की सुरक्षा को लेकर एक नई और सख्त व्यवस्था लागू की गई है। इसे Delhi Preservation of Trees Act 1994 की धारा 33 के तहत अधिसूचित किया गया है। सरकार का कहना है कि अब पेड़ों से जुड़े किसी भी प्रकार के उल्लंघन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अवैध कटाई या नुकसान की हर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए एक स्पष्ट SOP तैयार की गई है, जिसके तहत शिकायत मिलते ही संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर जांच और आवश्यक कार्रवाई करेगी। इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए दो प्रमुख माध्यम भी शुरू किए गए हैं टोल फ्री नंबर: 1800118600 ऑनलाइन शिकायत प्लेटफॉर्म इन सुविधाओं के जरिए नागरिक आसानी से पेड़ों से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना दे सकेंगे। 24 घंटे नजर, कंट्रोल रूम से होगी हर शिकायत की मॉनिटरिंग ।
दिल्ली में पेड़ों की सुरक्षा को लेकर लागू नई एसओपी के तहत फील्ड स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इसके अंतर्गत वन विभाग के अधिकारियों को अधिक अधिकार दिए गए हैं, ताकि वे मौके पर ही त्वरित कार्रवाई कर सकें। नई व्यवस्था में बीट ऑफिसर और ट्री ऑफिसर को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अब वे नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे, जिसमें काम रोकना, आवश्यक उपकरण जब्त करना और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करना शामिल है। इसके साथ ही 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं, जहां पेड़ों से जुड़ी हर शिकायत की लगातार निगरानी की जाएगी। इस सिस्टम के जरिए शिकायत दर्ज होते ही उसे ट्रैक किया जाएगा और फील्ड टीम को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचेगी QRT टीम
जैसे ही किसी घटना की सूचना मिलेगी, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तुरंत मौके पर पहुंचेगी और कार्रवाई शुरू कर देगी। इस प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए घटनास्थल से जियो-टैग्ड फोटो और वीडियो एकत्र किए जाएंगे, ताकि सबूतों के आधार पर दोषियों के खिलाफ मजबूत कानूनी मामला तैयार किया जा सके। फील्ड अधिकारियों को अब यह अधिकार भी दिया गया है कि वे मौके पर ही काम रुकवा सकें मशीनरी और उपकरण जब्त कर सकें जरूरत पड़ने पर दिल्ली पुलिस की मदद से सख्त कार्रवाई कर सकें।
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