कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है। जहां पानी की समस्या को लेकर खुद ‘नगर सरकार’ के मंत्री ने आधी रात को ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा किया कि पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। वार्ड 14 के पार्षद और मेयर-इन-काउंसिल यानी MIC सदस्य विनोद उर्फ माठू यादव बीती रात नूरगंज स्थित पानी की टंकी पर जा पहुंचे। आरोप है कि वह टंकी में कूदने के लिए कपड़े तक उतार चुके थे। इस दौरान गुस्साए स्थानीय लोगों ने निगम के कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
यह तस्वीरें मध्य प्रदेश के ग्वालियर की हैं, जहां बीती रात पानी की बूंद-बूंद के लिए ऐसा गदर मचा कि नगर निगम के बड़े-बड़े अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। वार्ड क्रमांक 14 में नूरगंज इलाके समेत आसपास लंबे समय से गहराए जल संकट से गुस्साए MIC सदस्य और कांग्रेस पार्षद विनोद उर्फ माठू यादव देर रात नूरगंज स्थित पानी की टंकी पर पहुंच गए। टंकी न भरे जाने से नाराज पार्षद इतने आगबबूला थे कि वे आत्महत्या करने की नीयत से टंकी में कूदने को उतारू हो गए।
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पार्षद ने दी ये कड़ी चेतावनी
पार्षद के टंकी पर चढ़ने और कूदने के प्रयास की खबर जैसे ही फैली, इलाके की जनता भी नाराज होकर मौके पर जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने अपना आपा खो दिया और मौके पर पहुंचे नगर निगम के कर्मचारियों को बंधक बना लिया। पार्षद माठू यादव ने खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को पानी दिलाने के लिए वह ‘मरेंगे या मारेंगे। पार्षद ने माठू बताया कि वह लंबे समय से अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। जनता प्यासी मर रही है। अगर जनता को पानी नहीं मिलेगा, तो वह जनता के हक के लिए मर भी सकते है और मार भी सकते है। पार्षद ने यह भी कहा है कि अभी उनके कपड़े उतरे है, जनता के लिए वो अधिकारियों के भी कपड़े फाड़ सकते है।
काम कर गया पार्षद का ड्रामा
बहरहाल पार्षद और बेकाबू होती जनता की नाराजगी को देखते हुए नगर निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। आनन-फानन में तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया और खराब मोटर के स्टार्टर को भी ठीक कराया गया। इसके बाद देर रात नूरगंज पानी की टंकी को भरा गया, तब जाकर कहीं मामला शांत हुआ और लोगों ने बंधक बनाए गए कर्मचारियों को मुक्त किया।

