उत्तर भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब यमुना नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और नदी में जलप्रवाह बढ़ गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, यमुना का जलस्तर 204 मीटर के करीब पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
खतरे के निशान से नीचे, लेकिन सतर्कता बढ़ी
अधिकारियों के अनुसार, यमुना नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते जलप्रवाह और तेज बहाव के कारण नदी उफान पर दिखाई दे रही है। उत्तर भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में जारी बारिश के चलते आने वाले दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और यमुना के किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। संबंधित विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
प्रशासन की निगरानी
यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में नदी किनारे बसे इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी एजेंसियां लगातार स्थिति का आकलन कर रही हैं तथा जलस्तर में होने वाले बदलावों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि उत्तर भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा और हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ा जाता रहा, तो आने वाले दिनों में यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। इसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यमुना के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
गुरुवार को जलस्तर में आई थी मामूली गिरावट
यमुना नदी के जलस्तर में गुरुवार (6 अगस्त) को कुछ राहत देखने को मिली थी। सुबह 9 बजे पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 203.37 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में थोड़ा कम था। हालांकि, इसके बाद उत्तर भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश तथा हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में यमुना के लिए अलर्ट स्तर 204.50 मीटर निर्धारित है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। वहीं, जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने क्या बताया?
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों के अनुसार, यमुना नदी का जलस्तर पिछले कुछ दिनों में बढ़ा जरूर है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार रात नदी का जलस्तर लगभग 203.50 मीटर दर्ज किया गया था, जो इस मानसून सीजन का अब तक का सबसे अधिक स्तर रहा। हालांकि इसके बाद जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है। अधिकारी ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए अभी किसी प्रकार की बाढ़ चेतावनी जारी नहीं की गई है और आने वाले समय में जलस्तर में और कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बावजूद प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से फिलहाल लगभग 15,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके मुकाबले सोमवार को बैराज से इस सीजन का सर्वाधिक करीब 69,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बैराज से छोड़े गए पानी की मात्रा में कमी आने से फिलहाल राहत की स्थिति बनी हुई है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


