कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में हाल ही में सामने आए आत्महत्या मामलों के बाद केंद्रीय शिक्षा विभाग की दो सदस्यीय जांच टीम ने संस्थान का दौरा किया। जांच अधिकारियों डॉ. हीरा लाल और डॉ. रवि ने संस्थान प्रशासन के साथ मैराथन बैठक कर विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान पिछले पांच वर्षों में छात्रों से जुड़े आत्महत्या मामलों, प्लेसमेंट रिकॉर्ड और शिकायत निवारण प्रणाली की कार्यप्रणाली पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही प्रशासनिक ढांचे, पदस्थापन और उनके रोटेशन, मेडिकल सेंटर की गतिविधियों तथा काउंसलिंग व्यवस्था की जानकारी भी टीम के समक्ष रखी गई।
जांच टीम ने संस्थान में पिछले पांच वर्षों के दौरान आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों, वर्कशॉप, छात्र विनिमय कार्यक्रमों के साथ-साथ फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी स्टाफ की भर्ती से जुड़ा विवरण भी मांगा। इन सभी पहलुओं के आधार पर संस्थान के शैक्षणिक वातावरण और छात्र कल्याण व्यवस्था का आकलन किया जा रहा है।
शिक्षकों से भी लिए गए विस्तृत जवाब
केंद्रीय टीम ने फैकल्टी सदस्यों से उनके शैक्षणिक असाइनमेंट, सब्जेक्ट कोड, कक्षाओं की संख्या और उपस्थिति से संबंधित रिकॉर्ड तलब किए। कई प्रोफेसरों से यह भी पूछा गया कि यदि वे कक्षा में अनुपस्थित रहे तो उन्होंने छात्रों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की और छात्रों के साथ संवाद किस प्रकार स्थापित किया गया।
टीम ने हाजिरी रजिस्टर भी जांच के लिए मांगे और यह जानने का प्रयास किया कि शिक्षक अपने छात्रों के मानसिक और शैक्षणिक व्यवहार पर कितना ध्यान दे रहे हैं।
जांच के प्रमुख 12 बिंदु इस प्रकार रहे—
- छात्रों की आत्महत्या से जुड़े मामले
- कक्षाओं में शिक्षकों की उपस्थिति
- छात्रों का प्लेसमेंट रिकॉर्ड
- शिकायत निवारण प्रणाली और निपटाई गई शिकायतें
- छात्र कल्याण के लिए उठाए गए कदम
- न्यायालय मामलों का विवरण और कारण
- प्रशासनिक पदों पर तैनाती व उनका रोटेशन
- छात्र गतिविधियां और मेडिकल सेंटर की भूमिका
- काउंसलरों की संख्या और उनकी गतिविधियां
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- वर्कशॉप और छात्र विनिमय कार्यक्रम
- फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी भर्ती का विवरण
जांच टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

