Dhami government censure motion, देहरादून. धामी सरकार (Dhami government) ने विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में तारीख भी सामने आ गई है. साथ ही सभी प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू कर दी गई है. ये एक दिन का सत्र 28 अप्रैल को आहूत किया जाएगा. शासन स्तर पर इसे लेकर सभी विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सत्र के सफल संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. ये विशेष सत्र सामान्य सत्रों से अलग होगा, क्योंकि इसमें नियमित विधायी कार्य नहीं किए जाएंगे.
इस विशेष सत्र में सरकार एक निंदा प्रस्ताव (censure motion) लाने वाली है. सरकार इस निंदा प्रस्ताव के माध्यम से विपक्ष या किसी विशेष मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राजनीतिक स्थिति दर्ज कराएगी. ऐसे में यह सत्र केवल औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी अहम होने वाला है. बीते दिनों संसद में महिला आरक्षण बिल (Women’s reservation) पास न होने से भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए के दल विपक्ष पर लगातार हमलावर हैं. इसी कड़ी में ये निंदा प्रस्ताव विपक्ष के लिए ही लाया जा रहा है.
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बता दें कि शुक्रवार को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल यानि महिला आरक्षण संशोधन बिल 2026 (Women’s Reservation Amendment Bill 2026) गिर गया. पिछले 12 साल में मोदी सरकार को ये सबसे बड़ा झटका मिला है. बिल की वोटिंग में सदन के कुल 528 सदस्यों ने भाग लिया था. जहां बिल के पक्ष में मात्र 298 वोट जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े हैं. बता दें कि, कुल संख्या का दो तिहाई आंकड़ा न पार कर पाने के कारण बिल पास नहीं हो पाया. इसके बाद सरकार ने बाकी 2 और विधेयकों को भी वापस ले लिया. विधेयकों पर बीते दिन करीब 13 घंटे और शुक्रवार सुबह से चर्चा हो रही थी. इस बिल को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में पेश किया था.
28 वोटों से गिरा विधेयक
131वां संविधान संशोधन विधेयक पर कुल 489 सांसदों ने मतदान किया. विधेयक के पक्ष में 298 सदस्यों, जबकि 230 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट दिया. चूंकि ये संविधान संशोधन विधेयक था, इसलिए सदन में उपस्थित और कुल मतदान करने वाले सदस्यों के दो तिहाई वोट जरूरी थे. यानी विधेयक को पारित होने के लिए 326 वोट चाहिए थे, जो नहीं मिले. इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाकी दोनों विधेयकों को वापस ले लिया. तीनों विधेयकों के लिए सरकार ने 3 दिन का विशेष सत्र बुलाया था. पहले विधेयकों को लोकसभा में पेश किया गया, जिस पर 21 घंटे चर्चा हुई. 56 महिला सांसदों समेत 130 सदस्यों ने विरोध और पक्ष में अपने तर्क रखे. इस दौरान खूब हंगामा देखने को भी मिला
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योगी सरकार भी लाएगी निंदा प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया है. महिला आरक्षण मामले को लेकर एक दिन का विशेष सत्र होगा. इसे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पास भेजा गया है. रविवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी. इस सत्र में विपक्ष के रवैये को लेकर निंदा प्रस्ताव पेश करने की भी चर्चा की जा रही है.
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