अमृतसर। खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह पर 3 साल पहले 20 मार्च 2023 से लगा नेशनल सिक्योरिटी एक्ट बुधवार को खत्म हो जाएगा। साथ ही उसे अजनाला थाने पर हमले के आरोप में पंजाब पुलिस औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लेगी।

हालांकि, एनएसए हटने के बावजूद अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में रहना होगा और उसकी अदालत में पेशियां अब वीसी के जरिए ही होंगी। उसकी गिरफ्तारी के लिए पंजाब पुलिस की विशेष टीम मंगलवार को डिब्रूगढ़ पहुंच गई। दरअसल, पंजाब सरकार ने ऐसे कैदियों को पंजाब से बाहर कैद रखने के लिए विशेष संधी कर रखी है, जिनके पंजाब में रहने से कानून व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है। उसे ट्रायल कोर्ट में वीसी के जरिए पेश करने की मंजूरी दी जाए।

दूसरी तरफ हमले का केस लगभग फैसले की स्टेज पर है। अमृतपाल के बाकी साथियों की पेशी बीते 6 महीने से अदालत में हो रही है। गौरतलब है कि फरवरी 2023 में अमृतपाल ने अपने साथी को छुड़ाने के लिए सैकड़ों समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर धावा बोल दिया था। आरोप है कि यह लोग बैरिकेड तोड़कर थाने में घुसे और पुलिस अफसरों-कर्मचारियों से मारपीट तक कर दी गई। इस संबंध में 41 लोगों पर हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, आपराधिक साजिश और दंगे के हालात पैदा करने की साजिश रची गई।

अमृतपाल के खिलाफ अलग-अलग जिलों में कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर और ज्यादा गरमा सकता है।हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में वर्चुअली पेश करवाने की दी थी मंजूरी19 अप्रैल को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अमृतपाल सिंह को 2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन हमले के मामले में अमृतसर की ट्रायल कोर्ट में वर्चुअली पेश करवाने की मंजूरी दी थी।

न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश पंजाब सरकार की याचिका पर दिया था। इसमें मांग की गई थी कि अमृतपाल को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत 22 अप्रैल को खत्म होने के बाद असम जेल में ही रखा जाए। अदालत ने कहा कि इस बात के पर्याप्त कारण हैं कि अगर अमृतपाल अमृतसर की अदालत में फिजिकल तौर पर पेश किया जाता है तो सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने का खतरा है।