पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। जिले के देवभोग क्षेत्र स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और अवैध कटाई का मामला सामने आया है। विशालकाय साल वृक्ष को बचाने 1974 में जिस इलाके को अभ्यारण्य घोषित किया गया था, उसी इलाके में घुसपैठियों ने 106 हेक्टेयर में फैले 1 लाख पेड़ काट डाले। सैटेलाइट से खुलासे के बाद विभाग अब कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दिया है।

इसरो की सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वेक्षण से जुटाए डिजिटल सबूतों के आधार पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर वन्यप्राणी रहवास क्षेत्र एवं महानदी कैचमेंट इलाके में बड़े अतिक्रमण का खुलासा हुआ है। सीतानदी रेंज के जैतपुरी गांव के 166 अतिक्रमणकारियों ने 15 वर्षों में लगभग 1 लाख वृक्ष काटकर 106 हेक्टेयर (265 एकड़) वन भूमि पर कब्जा कर लिया है। अब उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

पीओआर के बाद थमाया नोटिस

खुलासे के बाद उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य के उपनिदेशक वरुण जैन के नेतृत्व में टीम सीतानदी रेंज पहुंचकर काटे गए पेड़ों का पंचनामा शुरू कर दिया। ठूंठ की गिनती और पीओआर किया गया है। साक्ष्य छुपाने अतिक्रमणकारियों ने कई ठूंठ को आग के हवाले कर दिया है। शुरुआती पड़ताल में पाया गया कि वर्ष 2011 में 45 हेक्टेयर में अतिक्रमण था, जिसे 10 वर्षों में बढ़ाकर 106 हेक्टेयर कर दिया गया। यह भी पाया गया कि सभी आरोपियों के पास राजस्व क्षेत्र में खुद की भूमि होने के बाद भी लालच में वन भूमि हड़पी गई। अभी भी कई वृक्षों को काटकर एवं गार्डलिंग (छाल छीलकर) कर अतिक्रमण बढ़ाया जा रहा था।

वन अमले ने अवैध कटाई और अतिक्रमण के लिए जैतपुरी के 106 लोगों को आरोपी बनाया है। जैन ने कहा कि सभी को नोटिस थमाया गया है। आगामी दिनों में बेदखली और अन्य कानूनी कार्रवाई भी जल्द की जाएगी।

जेल भेजने, जुटाए डिजिटल सबूत

इसरो की CARTOSAT सैटेलाइट इमेजरी 2008, 2010, 2012, 2022 से अवैध कटाई का खुलासा हुआ। ड्रोन सर्वे से एक-एक कब्जाधारी का कब्जा चिन्हांकित किया गया। 10 सेंटीमीटर तक जूम कर खेत, कटे वृक्ष और ठूंठ देखे गए। सबूतों के आधार पर ही सभी 166 आरोपियों के विरुद्ध POR क्रमांक 15/10, 15/11, 15/12 और 15/13 दर्ज किए गए हैं। वाइल्डलाइफ एक्ट में 7 साल एवं लोक संपत्ति क्षति अधिनियम में 3 साल तक सश्रम कारावास का प्रावधान है। अवैध कमाई से खरीदी संपत्ति भी अटैच होगी।

पहले भी हुई है कार्रवाई, बेदखल कर जेल भेजे गए

पिछले 3 वर्षों में 850 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाया गया, 600 शिकारी-तस्कर-अतिक्रमणकारी गिरफ्तार किए गए, जिससे मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व लगभग शून्य है। वरुण जैन ने कहा कि बेदखली के बाद खाली जगहों में पौधारोपण कार्यक्रम चलाकर वनों की हरियाली को बहाल किया जाएगा।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H