हिसार पुलिस की SIT ने पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला, उनके भाई दिग्विजय और 6 पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है। यह मामला सीआईए इंचार्ज के साथ हुई तीखी झड़प और जानलेवा हमले के आरोपों से जुड़ा है।
हिसार। हरियाणा के हिसार में गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) के इंचार्ज डीएसपी कमलजीत ने पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है। इस मामले में न केवल चौटाला बंधुओं को, बल्कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार सहित 6 अन्य पुलिसकर्मियों को भी नोटिस थमाया गया है। फिलहाल दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला की ओर से जांच में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जजपा प्रवक्ता का कहना है कि वे एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद ही अगला कदम उठाएंगे।
CM ने लगाया था गंभीर आरोप
यह विवाद 17 अप्रैल को उस समय शुरू हुआ जब जीजेयू में प्रदर्शन के बाद दर्ज एफआईआर के विरोध में दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला गिरफ्तारी देने सिटी थाना पहुंचे थे। थाना से एसपी ऑफिस जाते समय सब्जी मंडी पुल पर उनकी सीआईए इंचार्ज पवन कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस हुई थी। पूर्व डिप्टी सीएम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि सीआईए इंचार्ज ने उन पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया और उन्हें हथियार दिखाया। दूसरी ओर, पुलिस पक्ष की ओर से भी शिकायत दी गई थी, जिसके बाद एसपी सिद्धांत जैन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएसपी कमलजीत के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
आज हिसार पहुंच रहे दुष्यंत चौटाला
वर्तमान स्थिति यह है कि एसआईटी अब दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करेगी। एसआईटी इंचार्ज का कहना है कि वे घटनास्थल के वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके। जजपा नेता दुष्यंत चौटाला आज कार्यकर्ताओं की बैठक के लिए हिसार पहुंच रहे हैं, जहां इस कानूनी नोटिस और आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। एसआईटी अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही एसपी हिसार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

