अजय सैनी, भिवानी. मानेहरू व गौरीपुर गांव के किसानों ने मानहेरू रेलवे स्टेशन के पास रेलवे विभाग द्वारा 23 एकड़ कृषि भूमि का अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन किया तथा रेलवे विभाग को आगाह किया कि जब तक पीडि़त/प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का न्यायोचित मुआवजा नहीं देंगे तो किसान अपनी जमीन पर विभाग को कब्जा नहीं देंगें।

दोनों गांव के किसान मानहेरू रेलवे स्टेशन के पास अपनी भूमि पर टैंंट लगाकर बैठ गये और उन्होंने अपनी कृषि भूमि पर बगैर स्वीकृति के विभाग द्वारा निशानदेही के पोल लगाने की कार्यवाही को अवैध बताया। किसानों के प्रदर्शन में मनहेरू के सरपंच प्रदीप कुमार, गोरीपुर के सरपंच पुनीत सांगवान, समाजसेवी सतपाल उर्फ लाला, जिला पार्षद सतबीर सांगा, किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश व अन्य किसान शामिल रहे।

उन्होंने कहा कि रेलवे विभाग यह प्रस्तावित अधिग्रहण बहुत कम कीमत पर कर रहा है। विभाग ने 33 लाख रूपये प्रति एकड़ जमीन का मुआवजा तय किया है, जो बहुत ही कम है। उन्होंने कहा कि आज भी उक्त अधिकृत भूमि का बाजार मूल्य एक करोड़ रूपए प्रति एकड़ है और रेलवे विभाग सस्ते में कलेक्टर रेट पर गणना करके किसानों से जबरदस्ती यह कृषि भूमि लेना चाहता है, जो किसान की जीवन रेखा है। किसानों के बच्चों को आज रोजगार नहीं मिल रहा है और उनकी खेती योग्य भूमि का इस तरह से उनकी अनुमति के बगैर सस्ते में अधिग्रहण कर लिया जाएगा तो वे अपने तथा भविष्य की पीढिय़ों का गुजारा कैसे करेगा।

भिवानी से चलकर रेलवे विभाग के अचिकारी किसानों के बीच पहुंचे तो किसानों ने उन्हें स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी अधिकृत भूमि का न्यायोचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वे विभाग को जमीन का कब्जा नहीं देंगे। उद्यर मानहेरू के किसानों ने स्थानीय विद्यायक घनश्याम सर्राफ से मिलकर उनकी समस्या से अवगत कराने व इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है। उपरोक्त दोनों गांव के किसान सांसद धर्मबीर से मिल चुके हैं। उन्होंने रेलवे विभाग से 15 मई तक काम रोकने का अनुरोध किया है तथा रेलवे मन्त्री से बातचीत करवाने का आश्वासन दिया है।

इस अवसर पर किसान रामानन्द, बीडीसी प्रचारी, नेपाल सिंह, भीम, राजकुमार, गोरीपुर से कप्तान कुलदीप सिंह, धर्मपाल, कंवर सिंह, जगराम, जयसिंह, ओमबीर, ईश्वर, अनूप, पूर्व सरपंच जयवीर, वेदप्रकाश, सुधीर व अन्य शामिल रहे।