फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले साथियों को शहीद का दर्जा और आर्थिक मदद न मिलने से नाराज हरियाणा के फायर कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने मंत्रियों और विधायकों को ज्ञापन सौंपकर 1 मई से आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
अजय सैनी, भिवानी। प्रदेश में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने वाले अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) कर्मचारी अब सरकार के खिलाफ ‘आग बबूला’ हो गए हैं। शुक्रवार को प्रदेश भर में फायर कर्मियों ने अन्य विभागों के कर्मचारियों के साथ मिलकर मंत्रियों और विधायकों के नाम ज्ञापन सौंपे। यह विरोध प्रदर्शन फरीदाबाद में पिछले महीने हुई उस दुखद आगजनी की घटना को लेकर है, जिसमें आग बुझाते समय दो फायर ब्रिगेड कर्मचारी और एक पुलिस कर्मी बुरी तरह झुलस गए थे और उनकी मौत हो गई थी। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने मृतक पुलिस कर्मी के परिवार को तो सभी सहायता प्रदान की, लेकिन शहीद हुए फायर कर्मियों के परिवारों की सुध नहीं ली। इसी भेदभाव के विरोध में प्रदेश भर के फायर कर्मी पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
भेदभाव का लगाया आरोप
भिवानी में सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी और विधायक घनश्याम शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। हरियाणा फायर कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान संजय शयोराण और हरियाणा रोडवेज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र दिनोद ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग फरीदाबाद हादसे में जान गंवाने वाले दोनों कर्मियों को शहीद का दर्जा देना, उनके परिवारों को सरकारी नौकरी और उचित आर्थिक सहायता प्रदान करना है। कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि 27 अप्रैल को शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उनकी इन मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार उन्हें सुरक्षा और सम्मान नहीं दे सकती, तो उन्हें नौकरी से निकाल दे, लेकिन वे झुकेंगे नहीं।
एक मई से सफाई कर्मी भी उतरेंगे मैदान में
हड़ताली कर्मचारियों ने अब सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो यह आंदोलन केवल फायर ब्रिगेड तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी 1 मई से प्रदेश भर के करीब 40 हजार सफाई कर्मचारी भी इस हड़ताल के समर्थन में उतर जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वे महीनों तक आंदोलन चलाने के लिए तैयार हैं और आने वाले समय में इसे और भी उग्र किया जाएगा। फिलहाल, फायर कर्मियों की इस हड़ताल से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका गहरा गई है, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं।

